July 29, 2026

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‘गांव होंगे आत्मनिर्भर, तभी बनेगा विकसित छत्तीसगढ़’ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अफसरों को दिया बड़ा मंत्रविकसित छत्तीसगढ़

विकसित छत्तीसगढ़ का रोडमैप: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, गांव-गांव तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि गांवों का समग्र विकास ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायतों को केवल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि उन्हें सामाजिक परिवर्तन, आर्थिक समृद्धि और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का केंद्र बनाना होगा।

रायपुर के नवा रायपुर स्थित एसआईआरडी परिसर, निमोरा में आयोजित जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, रोजगार, जल संरक्षण और प्रधानमंत्री की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से दिशा-निर्देश दिए।

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ तभी है जब सरकार की योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि—

प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं का लाभ पहुंचाएं।
पंचायतों में जनभागीदारी को बढ़ावा दें।
ग्रामीणों का विश्वास जीतने के लिए संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ काम करें।
विकास कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता केवल बजट खर्च करने से नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव से तय होगी।

‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 जुलाई से लागू ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के माध्यम से—

ग्रामीण रोजगार बढ़ाया जाए।
स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण हो।
गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना विकसित की जाए।
जल संरक्षण और सामुदायिक संसाधनों को मजबूत किया जाए।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए।
जल संरक्षण को बनाया प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक जिले में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार जल संरक्षण की कार्ययोजना तैयार की जाए।

प्राथमिकता वाले क्षेत्र—

वर्षा जल संचयन
भूजल संवर्धन
मृदा संरक्षण
कृषि उत्पादकता
पशुपालन
मत्स्य पालन
प्राकृतिक संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग
10.40 लाख महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक 10.40 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि—

अधिक से अधिक महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जाए।
कौशल विकास कार्यक्रमों का लाभ दिलाया जाए।
स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
नई औद्योगिक नीति से मिलने वाले अवसरों का लाभ महिलाओं तक पहुंचाया जाए।

उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य बड़ी संख्या में ‘करोड़पति दीदी’ तैयार करना है।

बस्तर के दूरस्थ गांवों पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि दुर्गम क्षेत्रों में विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने कहा कि जिन गांवों तक पहले पहुंचना कठिन था, वहां अब—

सड़क
बिजली
आवास
पेयजल
राशन
शिक्षा
स्वास्थ्य सुविधाएं

तेजी से पहुंचाई जा रही हैं।

पीएम आवास और पीएम सूर्यघर योजना में तेजी लाने के निर्देश

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि—

प्रधानमंत्री आवास योजना के सभी पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिले।
निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
पंचायत स्तर पर निगरानी व्यवस्था मजबूत बनाई जाए।

साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और ग्रामीण परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के निर्देश भी दिए।

हिवरे बाजार मॉडल से लेने को कहा प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र के हिवरे बाजार के विकास मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि जनभागीदारी, ईमानदार नेतृत्व और जल संरक्षण के माध्यम से किसी भी गांव की तस्वीर बदली जा सकती है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि—

प्रत्येक जिला अपनी स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप विकास मॉडल तैयार करे।
संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जाए।
स्थायी और समावेशी विकास पर ध्यान दिया जाए।

कार्यशाला में पद्मश्री पोपटराव पवार ने भी हिवरे बाजार के परिवर्तन की यात्रा साझा करते हुए बताया कि जनसहभागिता और जल संरक्षण से गांव में पलायन रुका, आय बढ़ी और सामाजिक बदलाव संभव हुआ।

मुख्य बातें
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिला पंचायतों के CEO की समीक्षा बैठक ली।
गांवों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने पर दिया जोर।
विकसित भारत जी राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश।
जल संरक्षण, रोजगार और ग्रामीण अधोसंरचना को प्राथमिकता।
10.40 लाख महिलाओं के लखपति दीदी बनने की जानकारी, अब करोड़पति दीदी बनाने का लक्ष्य।
पीएम आवास और पीएम सूर्यघर योजना में तेजी लाने के निर्देश।
बस्तर के दूरस्थ गांवों में विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात।
हिवरे बाजार मॉडल से प्रेरणा लेकर स्थानीय विकास मॉडल तैयार करने का आह्वान।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा, जब हर गांव आत्मनिर्भर बने, पंचायतें सशक्त हों और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी भेदभाव के पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से सेवा भाव, पारदर्शिता और जनभागीदारी के साथ कार्य करते हुए ग्रामीण विकास को नई गति देने का आह्वान किया।