August 9, 2026

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उद्घाटन से पहले ही पहली बारिश में तीन करोड़ की सड़क धंस कर दो फाड़ हुई

ठेकेदार और PWD के देख रेख में बनी डामरीकरण मार्ग 4 माह में ही जर्जर हुई

महासमुंद- सरायपाली // इरफान शेख :

विकासखंड के ग्राम कापूडीह से बिरसिंगपाली मार्ग पर करीब 2 करोड़ 89 लाख 59 हजार रुपये की लागत से बनाई गई 2.50 किलोमीटर लंबी सड़क पहली ही बारिश में जगह-जगह से उखड़कर दरारे पड़ने लगी है।

इस सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग (PWD) सरायपाली के द्वारा कराया गया है और निर्माण कार्य का ठेका मनोज केडिया को दिया गया था।

ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण कार्य शुरू होने के समय से ही पुलिया और सड़क में घटिया सामग्री तथा गुणवत्ता से समझौता किए जाने की लिखित शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई थी, लेकिन शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। अब पहली ही बारिश में सड़क की हालत सामने आने के बाद ग्रामीण विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि जब सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार की शिकायतें उठीं, तब कथित तौर पर सड़क पर मुरूम, मिट्टी डालकर डामरीकरण को ढंकने का प्रयास किया गया, ताकि निर्माण की खामियां छिपाई जा सकें।

इस मामले को दैनिक भास्कर ने भी पहले प्रमुखता से प्रकाशित किया था। उस समय विभागीय अधिकारियों में एसडीओ सरायपाली नंद कुमार तिवारी ने मुरूम डाले जाने के लिए ग्रामीणों को जिम्मेदार बताते हुए गांव वालो के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी जबकि मुरूम को ठेकेदार द्वारा रात में डलवाया गया था.

अब जर्जर सड़क को लेकर दूरभाष के माध्यम से फोन से pwd के एसडीओ को फोन तथा व्हाट्सएप पर सड़क की वर्तमान स्थिति के फोटो और वीडियो भेजे गए, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। ऐसे में ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि क्या संबंधित अधिकारी इस निर्माण कार्य की जिम्मेदारी लेंगे या फिर ठेकेदार से सड़क का पुनर्निर्माण कराया जाएगा।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के दौरान खराब गुणवत्ता की सड़क का वीडियो बनाने पर ठेकेदार के एक इंजीनियर द्वारा उन्हें धमकाया गया था।

इस संबंध में सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें सरायपाली विधायक और ठेकेदार के निजी इंजीनियर के बीच सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर तीखी बहस दिखाई देती है।

ग्रामीणों का कहना है कि अब जबकि पहली ही बारिश में करोड़ों रुपये की सड़क उखड़ चुकी है, ऐसे में यह स्पष्ट हो गया है कि निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही और अनियमितता हुई है। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच, दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा ठेकेदार के खर्च पर सड़क का दोबारा निर्माण कराने की मांग की है।

चार माह पहले ही ग्रामीणों ने जताई थी सड़क उखड़ने की आशंका

उल्लेखनीय है कि करीब चार माह पहले ही ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), सरायपाली को लिखित शिकायत देकर सड़क निर्माण में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया था।

शिकायत में कहा गया था कि 2 करोड़ 89 लाख 59 हजार रुपये की लागत से बन रही कापूडीह–बिरसिंगपाली सड़क में निर्धारित मानकों के अनुरूप डामर और अन्य निर्माण सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है। साथ ही पुल निर्माण की गुणवत्ता, टर्निंग वॉल, तालाब किनारे सुरक्षा दीवार, सड़क किनारे पीपल के पेड़ के पास सुरक्षा संबंधी खामियां तथा बैरसमलिहा डिपा की ओर प्रस्तावित लगभग 300 मीटर सीसी सड़क का भी निर्माण नहीं किए जाने जैसे मुद्दे भी उठाए गए थे।

शिकायत में ग्रामीणों ने मौके पर तकनीकी जांच कराकर दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी। अब पहली ही बारिश में सड़क के दो फाड़ होकर उखड़ जाने के बाद ग्रामीणों का कहना है कि यदि चार माह पहले की शिकायत पर निष्पक्ष जांच और समय पर कार्रवाई की गई होती, तो आम जनता की करोड़ों रुपये की गाढ़ी कमाई टैक्स की, ऐसी दुर्दशा नहीं होती।

अब ग्रामीण पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कर दोष तय करने, जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई करने तथा जनता के टैक्स से बनी सड़क की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।

लोक निर्माण विभाग इंजीनियर का बयान – धंसे हिस्से का डामरीकरण ठेकेदार अपने खर्च पर दोबारा करेगा,
कापूडीह–बिरसिंगपाली डामरीकरण मार्ग के एक हिस्से में सड़क धंसने के मामले में लोक निर्माण विभाग (PWD) के उप अभियंता मुकेश नायक ने बताया कि नए मिट्टी वाले हिस्से में अधिक नमी (हाइड) और सेटलमेंट के कारण सड़क का कटाव हुआ है, जिससे मार्ग का एक हिस्सा धंस गया।
उन्होंने बताया कि संबंधित ठेकेदार का डामरीकरण कार्य का पूरा भुगतान फिलहाल रोक दिया गया है और उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही, धंसे हुए हिस्से का डामरीकरण ठेकेदार को अपने खर्च पर दोबारा कराना होगा। सुधार कार्य और गुणवत्ता मानकों की जांच के बाद ही भुगतान पर आगे निर्णय लिया जाएगा।
उप अभियंता ने यह भी स्पष्ट किया कि इस सड़क का अभी तक औपचारिक उद्घाटन नहीं हुआ है। विभाग की निगरानी में आवश्यक सुधार कार्य पूरा कराया जाएगा।

तीन करोड़ का कापुडीह सड़क मार्ग पर नए सड़क निर्माण के दौरान सामग्री का उपयोग निर्धारित मात्रा में नहीं किया गया जिसे लेकर ग्रामीण जनों ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से भी शिकायत कर चुके है!

खुद ठेकेदार के मेट अमन तिवारी ने कैमरा में कुबूल किया था कि निर्धारित मात्रा से कम का material डाला जा रहा है , पूछने पर डामर का percentage, Grade कितना है , ग्रेडिंग कुछ नहीं बता पाया !
कार्य स्थल पर इंजिनीयर मुकेश नायक भी अक्सर नदाराद रहते थे!

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि अब बारिश में सड़क से जुड़े पुल निर्माण में भी लापरवाही देखी गई है और अब बड़े वाहनों के आवागमन में खतरा बना हुआ है।