Women’s T20 World Cup 2026 का समापन एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया के दबदबे के साथ हुआ। फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को 7 विकेट से हराकर ऑस्ट्रेलिया ने रिकॉर्ड सातवीं बार खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ ही टीम पर करोड़ों रुपये की इनामी राशि की बारिश हुई और महिला क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया की बादशाहत एक बार फिर साबित हो गई।
ऑस्ट्रेलिया बनी चैंपियन, इंग्लैंड फिर फेल
कप्तान सोफी मोलिन्यूक्स की अगुवाई में ऑस्ट्रेलिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टूर्नामेंट जीता। यह जीत उनके लिए ऐतिहासिक रही क्योंकि टीम ने इससे पहले भी 2010, 2012, 2014, 2018, 2020 और 2023 में खिताब जीता था।
वहीं इंग्लैंड के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही, क्योंकि टीम 17 साल बाद दूसरी बार चैंपियन बनने का सपना देख रही थी, लेकिन फाइनल में फिर ऑस्ट्रेलिया ने उसे रोक दिया।
चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को मिले 22 करोड़ रुपये
आईसीसी ने इस टूर्नामेंट के लिए कुल 83.41 करोड़ रुपये (लगभग 87.64 लाख डॉलर) की प्राइज मनी रखी थी, जो पिछले संस्करण से लगभग 10% ज्यादा थी।
विजेता (ऑस्ट्रेलिया): ₹22.27 करोड़
उपविजेता (इंग्लैंड): ₹11.13 करोड़
यह राशि महिला क्रिकेट में बढ़ते निवेश और लोकप्रियता को दर्शाती है।
सभी टीमों को मिला गारंटीड पैसा
आईसीसी ने इस बार सभी 12 टीमों को भागीदारी राशि दी, जिससे किसी भी टीम को खाली हाथ नहीं लौटना पड़ा।
हर टीम को न्यूनतम लगभग ₹2.35 करोड़ मिले
ग्रुप स्टेज में हर जीत पर अतिरिक्त बोनस दिया गया
इस फैसले ने टूर्नामेंट को और अधिक प्रतिस्पर्धी बना दिया।
भारत और पाकिस्तान भी हुए मालामाल
हालांकि भारत और पाकिस्तान महिला टीमें सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सकीं, लेकिन उन्होंने भी अच्छी खासी कमाई की।
भारत की कमाई:
भागीदारी राशि: ₹2.35 करोड़
ग्रुप स्टेज में 3 जीत: लगभग ₹88.94 लाख
कुल कमाई: लगभग ₹3.23 करोड़
पाकिस्तान की कमाई:
भागीदारी राशि: ₹2.35 करोड़
ग्रुप स्टेज में 1 जीत का बोनस
कुल कमाई: लगभग ₹2.64 करोड़
सेमीफाइनल में हारने वाली टीमें
वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका को सेमीफाइनल में हारने के बावजूद सम्मानजनक राशि मिली—
प्रत्येक टीम को लगभग ₹6.29 करोड़ दिए गए
प्राइज मनी का पूरा ब्रेकअप
विजेता: ₹22 करोड़
उपविजेता: ₹11 करोड़
सेमीफाइनल हारने वाली टीमें: ₹6.29 करोड़ (प्रति टीम)
हर जीत पर बोनस: ₹29 लाख
भागीदारी राशि: ₹2.35 करोड़ (प्रति टीम)
महिला क्रिकेट में बढ़ती कमाई और लोकप्रियता
इस बार की बढ़ी हुई प्राइज मनी यह साफ दिखाती है कि महिला क्रिकेट तेजी से ग्लोबल स्पोर्ट बन रहा है। खिलाड़ियों को न सिर्फ सम्मान मिल रहा है बल्कि आर्थिक रूप से भी बड़ा फायदा हो रहा है।
ऑस्ट्रेलिया की जीत और भारत-पाकिस्तान जैसी टीमों की कमाई ने यह साबित कर दिया है कि महिला क्रिकेट अब सिर्फ खेल नहीं, बल्कि एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच बन चुका है, जहां प्रदर्शन के साथ-साथ करोड़ों की कमाई भी जुड़ी है।

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