छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में करीब छह महीने से लापता एक नाबालिग किशोरी को पुलिस ने रायपुर से सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर दोनों युवकों पर गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
यह कार्रवाई जिले में महिला और बाल अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन संवेदना” के तहत की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लगातार प्रयास, तकनीकी जांच और मुखबिर तंत्र की मदद से यह सफलता हासिल हुई।
स्कूल से लौटने के बाद अचानक गायब हो गई थी किशोरी
जानकारी के मुताबिक दिसंबर 2025 में किशोरी स्कूल से घर लौटने के बाद अचानक लापता हो गई थी। परिवार ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिजनों ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
परिवार ने पुलिस को बताया था कि एक युवक अक्सर उनके घर आता-जाता था और उसी पर संदेह जताया गया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
छह महीने तक लगातार चलती रही तलाश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने लगातार किशोरी और संदिग्धों की तलाश जारी रखी। जांच टीम कई बार रायपुर पहुंची और अलग-अलग इलाकों में खोजबीन की, लेकिन शुरुआती दौर में कोई सफलता नहीं मिली।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों की मदद से जांच को आगे बढ़ाया। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि किशोरी रायपुर के औद्योगिक क्षेत्र में देखी गई है।
किराना दुकानदार की सूचना बनी अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस टीम ने फैक्ट्रियों, मजदूर बस्तियों और आसपास के इलाकों में किशोरी की तस्वीर दिखाकर पूछताछ की। इसी दौरान एक स्थानीय किराना दुकानदार ने महत्वपूर्ण जानकारी दी।
दुकानदार ने बताया कि तस्वीर में दिखाई गई किशोरी आसपास के इलाके में सामान खरीदने आती थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए किशोरी को सुरक्षित बरामद कर लिया।
किशोरी के बयान के बाद बढ़ी आरोपियों की मुश्किलें
पुलिस द्वारा दर्ज किए गए बयान में किशोरी ने बताया कि उसे बहला-फुसलाकर घर से दूर ले जाया गया था। बाद में वह अलग-अलग स्थानों पर रही और इस दौरान उसके साथ गंभीर अपराध होने का आरोप लगाया गया।
बयान और जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले में अतिरिक्त धाराएं जोड़ीं और दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बढ़ाईं गंभीर धाराएं
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले में अपहरण, यौन अपराध और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों के तहत कार्रवाई की गई है।
मामले में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
महिला और बाल अपराधों के खिलाफ अभियान जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में महिला और बाल अपराधों को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए सभी थानों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने कहा कि बच्चों और महिलाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रमुख बिंदु
छह महीने बाद नाबालिग किशोरी रायपुर से बरामद।
पुलिस ने लगातार तकनीकी और जमीनी जांच जारी रखी।
किराना दुकानदार की सूचना जांच में अहम साबित हुई।
दो आरोपी गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजे गए।
मामले में गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की गई।
महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ अभियान जारी है।
यह मामला एक बार फिर बताता है कि लगातार प्रयास, तकनीकी जांच और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई सूचनाएं कई बार बड़ी सफलता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

More Stories
HC का बड़ा फैसला: असिस्टेंट टीचरों को 300 दिन की लीव एनकैशमेंट पर मिली राहत, पुराने आदेश रद्द
39 दिन बाद घर लौटा ‘मृत’ बेटा! जिसकी तेरहवीं हो चुकी थी, अब सबसे बड़ा सवाल- आखिर किसका हुआ अंतिम संस्कार?
दुर्ग में आधी रात का खूनी खेल! पानी टंकी के पास सो रहे युवक का सिर कुचलकर कत्ल, आरोपी गिरफ्तार