रेस्ट हाउस 2,83,000 का बिजली बिल बकाया
लोक निर्माण विभाग इन दिनों सुर्खियों पर है, आए दिन इनकी कार्य प्रणाली लापरवाही सडकों को लेकर गढ्ढा और अधूरे निर्माण कार्य वा नए सड़क में भ्रष्टाचार को लेकर ख़बरें प्रकाशित होती रही है और उच्च अधिकारियों का दौरा कार्यक्रम शिकायत पर जांच लगातार जारी है.
ताजा मामला विश्राम गृह नए वा पुराने भवन का है जहां यह अधिकारियों का आशियाना बन गया है और घर की तरह वहां के एसी व फ्रीज व अन्य विद्युत उपकरण का खुलकर मनमानी तरीका से उपयोग हो रहा है, साथ ही यहां का 6 माह में आए लाखों रुपए का बिजली बिल बकाया भुगतान बता रहा है कि किस कदर से वहां के एसी फ्रिज व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का उपयोग किया जा रहा है।
आंकड़े के मुताबिक नवीन विश्राम गृह में प्रतिमाह मुश्किल से 1000 से 1200 यूनिट की खपत होने वाला विश्राम गृह का बिजली खपत एकाएक 2900 तक पहुंच गया है, अर्थात विद्युत खपत दो से तीन गुना अधिक बढ़ गया है। यह जनता के पैसे का सीधा-सीधा दुरुपयोग है। विभाग के एक शिकायतकर्ता दैनिक वेतन भोगी डाकेश साहू ने लोक निर्माण विभाग के एसडीओ एन के तिवारी पर उनके लिए स्वयं का मकान आरक्षित होने के बावजूद रेस्ट हाउस को आशियाना बनाने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर, मंत्रियों, गृह मंत्री, राज्यपाल व मुख्यमंत्री को शिकायत किया है, इससे पुष्टि होता है,कि विभाग के अधिकारी ही रेस्ट हाउस का निजी उपयोग कर रहे थे। जिसके चलते भारी भरकम बिजली बिल आ रहा है।

लिखित शिकायत होते ही एसडीओ ने विश्राम गृह को खाली कर दिया है। बता दें विगत जनवरी 2026 से अभी तक नवीन विश्राम गृह केजुवा रोड के विद्युत खपत की बात करें तो 11200 युनिट बिजली की खपत जबकि दो लाख 83382 रुपए बिजली बिल आया है। वहीं पुराने विश्राम गृह में जनवरी 2026 से जून 2026 तक जहां माह में 300 से 350 युनिट बिजली का खपत होता था वहां 1583 युनिट खपत हुआ है, जहां का माह का बिजली बिल 2000 से 4000 रू के मध्य आता था वहां अब 26290 तक का बिल आने लग गया है। जहां अभी तक 6 माह में 87995 रुपए बिजली का बिल आ चुका है।
उल्लेखनीय है कि पुराने विश्राम गृह में भी एक अधिकारी इंजिनीयर जैन लारी भी पिछले करीब 7 माह से यहां विश्राम कर रहे हैं जबकि इन्हें भी भवन उपलब्ध है.
मिली जानकारी अनुसार नगर पालिका द्वारा नल connection, tanker bill भी है जिसका बिल बकाया लाखों रुपये में है. यह भी एक जांच का विषय है.
आपको बता दें कि लोक निर्माण विभाग के अनुविभागीय अधिकारी के लिए ऑफिस परिसर में ही एसडीओ के लिए मकान आरक्षित है जिनका अभी भी वर्तमान में मीटर जिंदा है और 10100 का बिजली बिल भी बकाया है जिनका भुगतान विगत 4 वर्षों से नहीं हुआ है।
उक्त मकान रख रखाव के अभाव में उसके आंगन में लगभग 2 से 3 फीट के झाड़ियां उग गए हैं और जंगल का रूप ले लिया है।
शिकायतकर्ता डाकेस साहू- मैं एक दैनिक वेतन कर्मचारी हू, मुझे उच्च अधिकारी द्वारा झूठा आरोप लगा कर बर्खास्त करने की कोशिश की जा रही है. मेरे द्वारा शिकायत अनेक मामलों को लेकर कलेक्टर, मंत्रालय राज्यपाल मुख्यमंत्री से किया गया है!

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