June 24, 2026

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दिनभर रील्स देखने की आदत पड़ सकती है खतरनाक, डॉक्टर ने बताए दिमाग पर असर और छुटकारा पाने के 4 आसान तरीके

आज के दौर में स्मार्टफोन लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन फोन का सबसे ज्यादा इस्तेमाल अब कॉल या मैसेज के लिए नहीं, बल्कि रील्स देखने के लिए किया जा रहा है। सुबह उठते ही लोग सोशल मीडिया खोलते हैं और रात तक घंटों रील्स स्क्रॉल करते रहते हैं। कई बार लोगों को पता भी नहीं चलता कि वे 10-15 मिनट के लिए फोन उठाते हैं और दो से तीन घंटे बीत जाते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जरूरत से ज्यादा रील्स देखना धीरे-धीरे एक आदत और फिर लत का रूप ले सकता है। इसका असर केवल समय की बर्बादी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है।

आखिर रील्स इतनी आकर्षक क्यों लगती हैं?

रील्स की सबसे बड़ी खासियत उनका छोटा और तेज़ कंटेंट है। कुछ सेकंड में मनोरंजन, जानकारी और नई चीजें देखने को मिल जाती हैं। दिमाग को लगातार नया कंटेंट मिलने से उसे बार-बार और ज्यादा देखने की इच्छा होती है।

इसी वजह से लोग एक रील के बाद दूसरी और फिर तीसरी रील देखते चले जाते हैं और समय का पता ही नहीं चलता।

रील्स की लत से होने वाले नुकसान

1. एकाग्रता कम होने लगती है

लगातार छोटे वीडियो देखने से दिमाग लंबे समय तक किसी एक काम पर ध्यान केंद्रित करने में परेशानी महसूस करने लगता है।

2. धैर्य में कमी आने लगती है

जब हर कुछ सेकंड में नया कंटेंट मिलता है, तो वास्तविक जीवन में इंतजार करना कठिन लगने लगता है। इससे धैर्य और सहनशीलता प्रभावित हो सकती है।

3. सोचने और निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है

जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम दिमाग पर दबाव बढ़ाता है, जिससे समस्या सुलझाने और सही निर्णय लेने की क्षमता कमजोर पड़ सकती है।

4. शरीर पर भी पड़ता है असर

घंटों तक एक ही जगह बैठकर फोन देखने से गर्दन दर्द, कमर दर्द और शरीर में थकान जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

5. नींद की गुणवत्ता खराब होती है

रात में देर तक मोबाइल चलाने से नींद प्रभावित होती है। इससे अगले दिन थकान, चिड़चिड़ापन और तनाव महसूस हो सकता है।

रील्स की आदत छोड़ने के 4 आसान तरीके

1. सोशल मीडिया ऐप्स को होम स्क्रीन से हटाएं

जब ऐप्स सामने नहीं दिखेंगी तो उन्हें बार-बार खोलने की संभावना भी कम होगी।

2. स्क्रीन टाइम लिमिट सेट करें

मोबाइल में मौजूद ऐप टाइमर का इस्तेमाल करें और रोजाना सोशल मीडिया के लिए एक निश्चित समय तय करें।

3. बार-बार लॉगइन की आदत बनाएं

सोशल मीडिया ऐप्स से लॉगआउट रहने पर हर बार लॉगइन करना पड़ेगा, जिससे अनावश्यक इस्तेमाल कम हो सकता है।

4. नई हॉबी विकसित करें

किताब पढ़ना, खेलना, पेंटिंग करना, संगीत सुनना या दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताना रील्स की लत कम करने में मदद कर सकता है।

डिजिटल संतुलन है सबसे जरूरी

सोशल मीडिया और रील्स पूरी तरह गलत नहीं हैं। समस्या तब शुरू होती है जब उनका उपयोग जरूरत से ज्यादा होने लगे। अगर आप अपने स्क्रीन टाइम पर नियंत्रण रखते हैं और समय का सही इस्तेमाल करते हैं, तो तकनीक आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि हर व्यक्ति को समय-समय पर डिजिटल डिटॉक्स करना चाहिए। इससे मानसिक शांति बनी रहती है, उत्पादकता बढ़ती है और जीवन में संतुलन बना रहता है।