दुर्ग जिले में खाद्य सुरक्षा को लेकर एक बड़ा फैसला लिया गया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने ‘भीम का मैंगो (पैक्ड) ग्रीन कलर मैंगो आइस कैंडी’ के विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। विभाग द्वारा की गई जांच में यह उत्पाद खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरा, जिसके बाद इसके बाजार में बिक्री और वितरण पर रोक लगाने का आदेश जारी किया गया।
यह कार्रवाई नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ के निर्देशों के तहत की गई है। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठाए जाएंगे।
आखिर क्यों लगाया गया प्रतिबंध?
जानकारी के अनुसार, ‘भीम का मैंगो (पैक्ड) ग्रीन कलर मैंगो आइस कैंडी’ का नमूना परीक्षण के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया था। वहां खाद्य विश्लेषकों द्वारा की गई जांच में उत्पाद को “असुरक्षित” घोषित किया गया।
रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 तथा संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई शुरू की गई और संबंधित बैच की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी गई।
विभाग ने दुकानदारों को दिए सख्त निर्देश
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले के सभी दुकानदारों, थोक विक्रेताओं और कैंडी कारोबारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य निर्देश:
- प्रतिबंधित आइस कैंडी की बिक्री तुरंत बंद करें।
- स्टॉक में मौजूद उत्पाद को अलग रखें।
- निरीक्षण टीम को पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं।
- नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि किसी दुकान या गोदाम में यह उत्पाद बिक्री के लिए पाया गया तो संबंधित व्यापारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बाजारों में बढ़ाई गई निगरानी
प्रतिबंध के बाद खाद्य विभाग ने जिलेभर में निगरानी अभियान तेज कर दिया है। विभिन्न बाजारों, किराना दुकानों और खाद्य पदार्थ बेचने वाले प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है।
विभागीय टीम निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान दे रही है:
- प्रतिबंधित उत्पाद की उपलब्धता
- भंडारण की स्थिति
- खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन
- लाइसेंस और दस्तावेजों की जांच
अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।
उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण सलाह
खाद्य विभाग ने आम लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की है। यदि किसी दुकान में यह प्रतिबंधित आइस कैंडी बिकती दिखाई दे तो इसकी जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।
उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि:
- पैक्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय लेबल अवश्य पढ़ें।
- गुणवत्ता और निर्माण तिथि की जांच करें।
- संदिग्ध खाद्य उत्पादों का सेवन न करें।
- किसी भी शिकायत की जानकारी विभाग को दें।
स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त
विशेषज्ञों का मानना है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। बच्चों और युवाओं में आइस कैंडी और अन्य ठंडे खाद्य उत्पादों की लोकप्रियता को देखते हुए ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई आवश्यक हो जाती है।
दुर्ग जिले में इस आदेश के बाद कई दुकानदारों ने संबंधित उत्पाद को अपने स्टॉक से हटाना शुरू कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
यह कदम उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने और बाजार में गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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