June 23, 2026

खबरों पर नजर हर पहर

दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में हाहाकार! 10% टूटा कोस्पी, ट्रेडिंग रोकनी पड़ी, निवेशकों के उड़ गए होश

सियोल। दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में मंगलवार को भारी उथल-पुथल देखने को मिली। देश का प्रमुख शेयर सूचकांक कोस्पी (KOSPI) लगभग 10 प्रतिशत तक टूट गया, जिसके बाद बाजार नियामकों को सर्किट ब्रेकर लगाकर कुछ समय के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। इस बड़ी गिरावट ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों में आई तेज़ी की स्थिरता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

कोस्पी 910.71 अंकों की गिरावट के साथ 8,203.84 पर बंद हुआ। यह हाल के वर्षों की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक मानी जा रही है। बाजार में अचानक बढ़ी बिकवाली के कारण निवेशकों में घबराहट का माहौल बन गया।

क्यों मची बाजार में अफरा-तफरी?

विश्लेषकों के अनुसार पिछले कुछ महीनों में दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा था। खासकर सेमीकंडक्टर और AI सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी।

लेकिन अब कई कारणों ने मिलकर बाजार पर दबाव बना दिया है:

  • निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली
  • अमेरिकी टेक शेयरों में कमजोरी
  • वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता
  • अत्यधिक लीवरेज्ड निवेश
  • विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली

इन सभी कारकों ने मिलकर बाजार में तेज गिरावट को जन्म दिया।

सैमसंग और टेक कंपनियों पर बड़ा असर

गिरावट का सबसे ज्यादा असर टेक्नोलॉजी कंपनियों पर देखने को मिला।

प्रमुख प्रभाव:

  • सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में 10% से अधिक गिरावट
  • सेमीकंडक्टर कंपनियों में भारी बिकवाली
  • टेक सेक्टर आधारित ETF में तेज उतार-चढ़ाव
  • AI से जुड़ी कंपनियों पर दबाव

विशेषज्ञों का मानना है कि टेक शेयरों में लंबे समय से जारी तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफा बुक करना शुरू कर दिया है।

विदेशी निवेशकों ने निकाला पैसा

बाजार में गिरावट का एक बड़ा कारण विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी माना जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार:

  • विदेशी निवेशकों ने 4 लाख करोड़ वॉन से अधिक की बिकवाली की।
  • बड़े संस्थागत निवेशकों ने जोखिम कम करना शुरू किया।
  • कई फंड मैनेजरों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी।

हालांकि दूसरी ओर खुदरा निवेशकों ने गिरावट के बीच खरीदारी जारी रखी।

लीवरेज्ड निवेश बना जोखिम

विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के महीनों में खुदरा निवेशकों ने बड़े पैमाने पर उधार लेकर निवेश किया था।

कुछ महत्वपूर्ण तथ्य:

  • मार्जिन ऋण रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
  • लीवरेज्ड ETF में निवेश तेजी से बढ़ा।
  • बाजार में छोटी गिरावट भी बड़े नुकसान में बदल गई।
  • निवेशकों की भावनाओं में बदलाव ने बिकवाली को और बढ़ाया।

यही वजह है कि बाजार में अस्थिरता सामान्य से कहीं अधिक देखने को मिली।

AI बूम पर उठे सवाल

पिछले एक साल में दुनिया भर के शेयर बाजारों में AI सेक्टर ने निवेशकों को आकर्षित किया था। दक्षिण कोरिया की कई चिप और टेक कंपनियों ने इसी ट्रेंड का फायदा उठाकर रिकॉर्ड तेजी दर्ज की।

लेकिन ताजा गिरावट ने यह चिंता बढ़ा दी है कि:

  • AI आधारित शेयरों का मूल्यांकन बहुत अधिक हो गया था।
  • निवेशकों की उम्मीदें वास्तविक प्रदर्शन से आगे निकल गई थीं।
  • अब बाजार संतुलन की ओर लौट रहा है।

हालांकि विशेषज्ञ अभी भी AI सेक्टर की दीर्घकालिक संभावनाओं को सकारात्मक मानते हैं।

नियामकों ने उठाए स्थिरता कदम

दक्षिण कोरिया के वित्तीय नियामकों ने बाजार की अस्थिरता को देखते हुए कई कदमों पर विचार शुरू कर दिया है।

संभावित उपाय:

  • ETF नियमों की समीक्षा
  • जोखिम प्रबंधन के नए मानक
  • अत्यधिक लीवरेज पर निगरानी
  • बाजार स्थिरता तंत्र को मजबूत करना

सरकार और नियामक संस्थाएं निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं।

मुख्य बातें

  • दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स लगभग 10% टूट गया।
  • भारी गिरावट के कारण ट्रेडिंग अस्थायी रूप से रोकनी पड़ी।
  • सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर 10% से ज्यादा गिरे।
  • विदेशी निवेशकों ने बड़े पैमाने पर बिकवाली की।
  • लीवरेज्ड ETF और मार्जिन ट्रेडिंग ने अस्थिरता बढ़ाई।
  • AI सेक्टर की तेजी की स्थिरता पर सवाल उठे।
  • वित्तीय नियामक नए स्थिरता उपायों पर विचार कर रहे हैं।

दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में आई यह बड़ी गिरावट वैश्विक निवेशकों के लिए एक चेतावनी मानी जा रही है। लगातार तेजी के बाद बाजारों में सुधार और अस्थिरता सामान्य प्रक्रिया होती है, लेकिन कोस्पी में आई 10 प्रतिशत की गिरावट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अत्यधिक उत्साह और लीवरेज्ड निवेश कभी भी बड़े जोखिम में बदल सकते हैं।