June 23, 2026

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राज्यसभा में NDA की बढ़ी ताकत! दो-तिहाई बहुमत से बस कुछ कदम दूर, TMC संकट से बदल सकते हैं सियासी समीकरण

नई दिल्ली। राज्यसभा की 27 सीटों पर हुए हालिया चुनावों के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ताकत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। चुनाव परिणामों ने उच्च सदन में सत्तारूढ़ गठबंधन की स्थिति को और मजबूत किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि मौजूदा घटनाक्रम इसी दिशा में आगे बढ़ता रहा तो NDA राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत के बेहद करीब पहुंच सकता है।

हालांकि अभी गठबंधन के पास आवश्यक संख्या नहीं है, लेकिन हाल के राजनीतिक बदलावों और कुछ दलों में चल रही अंदरूनी हलचल ने नए समीकरणों की संभावनाएं पैदा कर दी हैं।

राज्यसभा चुनाव के बाद मजबूत हुआ NDA

हाल ही में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव में 27 सीटों के लिए मतदान हुआ था। इनमें से NDA ने 19 सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत कर लिया।

वर्तमान स्थिति के अनुसार:

  • राज्यसभा की कुल सदस्य संख्या: 245
  • दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा: 164
  • NDA की मौजूदा ताकत: 152 सदस्य
  • बहुमत से दूरी: 12 सीटें

इन आंकड़ों ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

TMC में संकट से बदल सकते हैं समीकरण

राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में इस समय तृणमूल कांग्रेस (TMC) भी है। रिपोर्टों के अनुसार पार्टी के कई सांसदों के इस्तीफे के बाद उसकी राज्यसभा में स्थिति कमजोर हुई है।

बताया जा रहा है कि:

  • TMC के कुल 13 सांसद थे।
  • 4 सांसदों ने इस्तीफा दिया है।
  • पार्टी के पास फिलहाल 9 सांसद बचे हैं।

यदि रिक्त सीटों पर भविष्य में नए चुनाव होते हैं और राजनीतिक समीकरण NDA के पक्ष में जाते हैं, तो गठबंधन की संख्या और बढ़ सकती है।

हालांकि अभी तक किसी भी संभावित परिणाम को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।

भाजपा बनी सबसे बड़ा दल

राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी की स्थिति लगातार मजबूत होती दिखाई दे रही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार भाजपा 115 सांसदों के साथ उच्च सदन की सबसे बड़ी पार्टी बनी हुई है।

NDA के प्रमुख घटक दल:

  • भाजपा – 115 सदस्य
  • तेलुगु देशम पार्टी (TDP) – 4 सदस्य
  • जनता दल यूनाइटेड (JDU) – 4 सदस्य
  • राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) – 4 सदस्य
  • शिवसेना – 2 सदस्य
  • जनसेना पार्टी – 1 सदस्य

इसके अलावा कुछ निर्दलीय और नामित सदस्य भी विभिन्न मुद्दों पर सरकार का समर्थन करते रहे हैं।

नए समर्थन से बढ़ी उम्मीदें

हाल ही में मिजोरम से निर्वाचित राज्यसभा सदस्य के. लालतलुआंगकिमा ने संकेत दिए हैं कि वे राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर NDA का समर्थन कर सकते हैं।

हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी किसी गठबंधन का औपचारिक हिस्सा नहीं है और संसद में स्वतंत्र रुख बनाए रखेगी।

फिर भी राजनीतिक जानकार इसे NDA के लिए सकारात्मक संकेत मान रहे हैं।

क्यों अहम है दो-तिहाई बहुमत?

राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत किसी भी सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

इसके प्रमुख कारण:

  • महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधनों को आसान समर्थन
  • बड़े विधायी सुधारों को पारित कराने में सुविधा
  • नीति निर्माण में अधिक स्थिरता
  • उच्च सदन में मजबूत राजनीतिक प्रभाव

यही वजह है कि राज्यसभा के बदलते आंकड़ों पर सभी राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।

मुख्य बातें

  • राज्यसभा चुनाव में NDA ने 19 सीटों पर जीत दर्ज की।
  • गठबंधन की कुल संख्या 152 तक पहुंची।
  • दो-तिहाई बहुमत के लिए 164 सीटों की जरूरत।
  • TMC में जारी राजनीतिक संकट से नए समीकरण बनने की चर्चा।
  • भाजपा 115 सांसदों के साथ सबसे बड़ा दल बनी हुई है।
  • कुछ क्षेत्रीय दलों और स्वतंत्र सदस्यों का समर्थन भी अहम माना जा रहा है।
  • आने वाले महीनों में राज्यसभा की तस्वीर और बदल सकती है।

राज्यसभा में बदलते राजनीतिक समीकरण यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाले समय में उच्च सदन की राजनीति और दिलचस्प हो सकती है। NDA की बढ़ती ताकत, विपक्षी दलों की चुनौतियां और क्षेत्रीय दलों की भूमिका मिलकर देश की संसदीय राजनीति की नई दिशा तय कर सकती हैं।