June 22, 2026

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दंतेवाड़ा को मिली नई पहचान: 61 लाख की लागत से तैयार ढोलकल ट्रैकिंग रूट, पर्यटन और रोजगार को लगेगा पंख

रायपुर/दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में पर्यटन विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। जिले की प्राकृतिक खूबसूरती और ऐतिहासिक महत्व को नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से विकसित किए गए ढोलकल ट्रैकिंग रूट का लोकार्पण किया गया। लगभग 61.05 लाख रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना का उद्घाटन प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने किया।

यह ट्रैकिंग रूट जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) के तहत विकसित किया गया है। इस पहल से न केवल पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

दंतेवाड़ा के पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान

दंतेवाड़ा अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगलों, पहाड़ियों और धार्मिक स्थलों के लिए जाना जाता है। ढोलकल क्षेत्र पहले से ही अपनी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान के कारण पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। अब आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित ट्रैकिंग रूट इस क्षेत्र को और अधिक लोकप्रिय बनाने में मदद करेगा।

मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह परियोजना दंतेवाड़ा को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

स्थानीय युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर

ढोलकल ट्रैकिंग रूट के विकसित होने से कई प्रकार के रोजगार अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

संभावित लाभ:

  • स्थानीय युवाओं को पर्यटन गाइड के रूप में रोजगार
  • होम-स्टे और पर्यटन सेवाओं को बढ़ावा
  • स्थानीय हस्तशिल्प और उत्पादों की बिक्री में वृद्धि
  • परिवहन और खानपान व्यवसाय को फायदा
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटन आधारित गतिविधियां ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और इससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं।

पर्यटकों को मिलेगा बेहतर अनुभव

पहाड़ों और प्राकृतिक सौंदर्य से घिरे ढोलकल क्षेत्र तक पहुंच अब पहले की तुलना में अधिक आसान और सुरक्षित होगी। ट्रैकिंग रूट के निर्माण से साहसिक पर्यटन को नया आयाम मिलेगा।

पर्यटकों को मिलेंगी ये सुविधाएं:

  • सुरक्षित ट्रैकिंग मार्ग
  • बेहतर आवागमन व्यवस्था
  • प्राकृतिक स्थलों तक आसान पहुंच
  • साहसिक पर्यटन का रोमांचक अनुभव
  • प्रकृति और संस्कृति को करीब से जानने का अवसर

इससे देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होने की संभावना है।

पर्यटन और प्रकृति संरक्षण का संतुलन

इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे पर्यटन विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। सरकार का प्रयास है कि पर्यटन बढ़े, लेकिन प्राकृतिक संसाधनों और जैव विविधता पर इसका नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

यह पहल स्थानीय समुदाय की भागीदारी को भी बढ़ावा देगी, जिससे विकास के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण का लक्ष्य भी पूरा हो सकेगा।

दंतेवाड़ा बनेगा प्रदेश का प्रमुख पर्यटन हब

कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने विश्वास जताया कि ढोलकल ट्रैकिंग रूट आने वाले समय में दंतेवाड़ा को छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल करेगा। यह परियोजना पर्यटन, रोजगार और क्षेत्रीय विकास के नए अवसरों का द्वार खोलने वाली साबित हो सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार यदि इस तरह की परियोजनाओं को लगातार बढ़ावा मिलता रहा तो दंतेवाड़ा केवल धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एडवेंचर टूरिज्म और इको-टूरिज्म के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना सकेगा।

ढोलकल ट्रैकिंग रूट का लोकार्पण दंतेवाड़ा के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को लंबे समय तक लाभ मिलने की उम्मीद है।