June 16, 2026

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स्कूल खुलते ही बड़ा हादसा! प्रार्थना के दौरान गर्मी से बेहोश हुआ छात्र, परिजनों ने उठाए सरकार के फैसले पर सवाल

दुर्ग। छत्तीसगढ़ में ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद सोमवार से शासकीय और निजी स्कूलों में फिर से रौनक लौट आई। बच्चे नए उत्साह और उमंग के साथ स्कूल पहुंचे, लेकिन पहले ही दिन एक ऐसी घटना सामने आई जिसने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी। दुर्ग के जेआरडी स्कूल में प्रार्थना सभा के दौरान भीषण गर्मी के कारण एक छात्र अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा, जिससे स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया।

घटना के बाद शिक्षकों और स्कूल स्टाफ ने तुरंत छात्र को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की। साथ ही डॉक्टर को भी सूचना दी गई। कुछ ही देर में छात्र की स्थिति सामान्य बताई गई, लेकिन इस घटना ने गर्मी के बीच स्कूल संचालन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

पहले दिन ही गर्मी बनी परेशानी

स्कूल खुलने के पहले दिन बच्चों में काफी उत्साह देखा गया। कई छात्र नए बैग और किताबों के साथ स्कूल पहुंचे थे। सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान बड़ी संख्या में छात्र खुले मैदान में मौजूद थे। इसी दौरान तेज धूप और उमस के कारण कई बच्चे असहज महसूस करने लगे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सभी बच्चे पसीने से तरबतर थे। तभी एक छात्र अचानक चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़ा। घटना के बाद तुरंत अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

तुरंत पहुंचाई गई मदद

घटना के बाद स्कूल प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छात्र को कमरे में ले जाकर आराम कराया। डॉक्टर को सूचना दी गई और छात्र की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखी गई।

स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और गर्मी को देखते हुए आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।

अभिभावकों ने उठाए सवाल

एक ओर स्कूल प्रशासन का दावा है कि सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, वहीं दूसरी ओर अभिभावक भीषण गर्मी के बीच स्कूल खोलने के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं।

अभिभावकों का कहना है कि प्रदेश के कई हिस्सों में अभी भी तापमान काफी अधिक है। ऐसे में छोटे बच्चों को लंबे समय तक खुले मैदान में खड़ा रखना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है।

अभिभावकों की प्रमुख चिंताएं

  • अत्यधिक गर्मी और लू का खतरा
  • प्रार्थना सभा का समय और व्यवस्था
  • पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता
  • कक्षाओं में पंखे और कूलिंग व्यवस्था
  • छोटे बच्चों की सुरक्षा

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार तेज गर्मी में बच्चों के शरीर में पानी की कमी जल्दी हो सकती है। इससे चक्कर आना, कमजोरी, सिरदर्द और बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

विशेषज्ञों की सलाह है कि:

  • बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाया जाए।
  • धूप में लंबे समय तक खड़े न रखा जाए।
  • सुबह की गतिविधियों का समय कम किया जाए।
  • जरूरत पड़ने पर इनडोर प्रार्थना सभा आयोजित की जाए।

बढ़ी सतर्कता की जरूरत

दुर्ग में सामने आई यह घटना स्कूलों और प्रशासन के लिए एक चेतावनी के रूप में देखी जा रही है। मौसम की गंभीर परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बच्चों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी हो गया है।

स्कूल खुलने की खुशी के बीच यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा कोई भी फैसला मौसम की वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही लिया जाना चाहिए। आने वाले दिनों में बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्कूलों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।