87 वर्षीय बुजुर्ग महिला द्वारा अपनी जीवनभर की कमाई और संपत्ति गंवाने के बाद इच्छामृत्यु की मांग का मामला बिलासपुर जिले में चर्चा का विषय बन गया है। कोटा थाना क्षेत्र के बेलगहना चौकी अंतर्गत रहने वाली महिला ने भाजपा समर्थित एक पंच पर धोखाधड़ी कर करीब 90 लाख रुपये की संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि वर्षों तक मेहनत कर जुटाई गई जमीन, नकदी, वाहन और आभूषण छलपूर्वक उसके नाम से निकाल लिए गए, जिसके बाद अब उसके पास न्याय की गुहार लगाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
बिलासपुर जिले के बेलगहना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां 87 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने अपनी संपत्ति कथित रूप से हड़पे जाने के बाद इच्छामृत्यु की मांग कर दी है। महिला ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
पीड़िता बालकुंवर बसोर का आरोप है कि गांव के एक भाजपा समर्थित पंच ने उनकी अशिक्षा और अकेलेपन का फायदा उठाकर करोड़ों की संपत्ति पर कब्जा कर लिया। महिला के अनुसार पति और तीन बेटों की मौत के बाद वह अपनी बेटी के साथ रह रही हैं और वर्षों से छोटे-मोटे व्यापार के जरिए जीवनयापन करती रही हैं।
KYC के बहाने बैंक ले जाकर लगवाया अंगूठा
महिला का आरोप है कि वर्ष 2021 में आरोपी उन्हें बैंक में केवाईसी कराने के नाम पर ले गया। वहां कई दस्तावेजों पर अंगूठा लगवाया गया। बाद में उन्हें पता चला कि उनके बैंक खाते से करीब 23 लाख रुपये आरोपी के खाते में ट्रांसफर हो चुके हैं।
पीड़िता का कहना है कि उन्हें दस्तावेजों की जानकारी नहीं थी और भरोसे का फायदा उठाकर पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया।
धान पंजीयन के नाम पर जमीन हुई दूसरे के नाम
महिला ने आरोप लगाया कि वर्ष 2022 में आरोपी उन्हें धान बिक्री पंजीयन कराने के बहाने तहसील कार्यालय ले गया। वहां भी कई कागजातों पर अंगूठा लगवाया गया।
कुछ समय बाद जमीन के रिकॉर्ड की जानकारी लेने पर उन्हें पता चला कि ग्राम लूफा स्थित लगभग 6.34 एकड़ कृषि भूमि आरोपी के नाम दर्ज हो चुकी है। इसके बाद महिला को कथित धोखाधड़ी की जानकारी मिली।
वाहन और आभूषण भी हड़पने का आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि महिला के दिवंगत बेटे के नाम दर्ज छोटा हाथी वाहन, सेंट्रो कार और एक्टिवा को बीमा और दस्तावेज अपडेट कराने के बहाने ले जाया गया।
आरोप है कि बाद में इन वाहनों का नामांतरण भी आरोपी के नाम करा लिया गया। इसके अलावा घर में रखे सोना-चांदी के आभूषण भी ले जाने का आरोप लगाया गया है।
लगातार शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
महिला का कहना है कि उन्होंने कई बार अपनी जमीन, पैसे और वाहन वापस दिलाने की मांग की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद लंबे समय तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
इसी से निराश होकर उन्होंने इच्छामृत्यु की मांग करते हुए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा है।
पुलिस कर रही जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
जांच के दौरान निम्न बिंदुओं की पड़ताल की जा रही है:
- बैंक खातों से हुए लेनदेन का रिकॉर्ड
- जमीन हस्तांतरण से जुड़े दस्तावेज
- वाहनों के नामांतरण की प्रक्रिया
- संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान
पुलिस का कहना है कि सभी दस्तावेजों और तथ्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
न्याय की आस में बुजुर्ग महिला
87 वर्ष की उम्र में न्याय के लिए दर-दर भटक रही महिला की कहानी ने क्षेत्र में संवेदना और आक्रोश दोनों पैदा कर दिया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह बुजुर्गों के साथ होने वाली आर्थिक धोखाधड़ी के गंभीर मामलों में से एक माना जाएगा।

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