अमेठी। उत्तर प्रदेश के आगामी पंचायत चुनाव से पहले एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। अमेठी की पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची में नहीं मिला है। जैसे ही यह जानकारी सामने आई, स्थानीय स्तर से लेकर राजनीतिक हलकों तक कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
हालांकि राहत की बात यह है कि उनका नाम विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में अब भी दर्ज है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पंचायत चुनाव की सूची से उनका नाम आखिर कैसे गायब हो गया।
कैसे सामने आया मामला?
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए 10 जून को अंतिम मतदाता सूची जारी की गई। सूची के प्रकाशन के बाद जब नामों का सत्यापन किया गया तो पता चला कि स्मृति ईरानी का नाम पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट में शामिल नहीं है।
यह खबर सामने आते ही अमेठी में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गईं। स्थानीय लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच इस मुद्दे को लेकर चर्चा का दौर शुरू हो गया।
अमेठी में बनाया था नया आवास
जानकारी के अनुसार, स्मृति ईरानी ने वर्ष 2021 में गौरीगंज तहसील क्षेत्र के मेदन मवई गांव में भूमि खरीदी थी। इसके बाद यहां उनके नए आवास का निर्माण कराया गया।
मुख्य घटनाएं:
- वर्ष 2021 में गांव में जमीन खरीदी गई।
- जुलाई 2021 में भूमि पूजन किया गया।
- फरवरी 2024 में गृह प्रवेश संपन्न हुआ।
- लोकसभा चुनाव 2024 में उन्होंने इसी क्षेत्र के बूथ पर मतदान किया।
- उनका नाम स्थानीय मतदाता सूची में दर्ज था।
इन तथ्यों के कारण पंचायत चुनाव की सूची से नाम गायब होना लोगों के लिए आश्चर्य का विषय बन गया है।
डीएम ने क्या कहा?
अमेठी के जिलाधिकारी संजय चौहान ने पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए अलग प्रक्रिया अपनानी पड़ती है।
उन्होंने बताया कि:
- पंचायत मतदाता सूची के लिए अलग आवेदन आवश्यक होता है।
- प्रशासन यह जांच कर रहा है कि संबंधित आवेदन जमा किया गया था या नहीं।
- यदि आवेदन रिकॉर्ड में पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।
पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव
इस बार पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची में व्यापक पुनरीक्षण किया गया है। राज्यभर में बड़ी संख्या में नए मतदाताओं को जोड़ा गया है, जबकि मृत, स्थानांतरित और अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
प्रमुख आंकड़े
- कुल मतदाता: 12 करोड़ 58 लाख 51 हजार 570
- 2021 की तुलना में वृद्धि: 29 लाख से अधिक
- नए जुड़े मतदाता: 2 करोड़ 32 लाख से अधिक
- हटाए गए नाम: 2 करोड़ 3 लाख से अधिक
इन बदलावों के बीच कई स्थानों पर नाम जुड़ने और हटने को लेकर शिकायतें भी सामने आई हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?
स्मृति ईरानी राष्ट्रीय राजनीति का एक बड़ा चेहरा रही हैं और अमेठी से उनका विशेष राजनीतिक संबंध रहा है। ऐसे में पंचायत चुनाव जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में उनका नाम सूची से गायब होना स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन गया है।
फिलहाल सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह तकनीकी त्रुटि थी, प्रक्रिया संबंधी कमी थी या फिर कोई अन्य कारण इसके पीछे जिम्मेदार है।

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