रायपुर। अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बच्चों के अधिकारों की रक्षा और बाल श्रम उन्मूलन को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और खुशहाल बचपन मिलना चाहिए तथा यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है कि बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और विकास के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
मंत्री ने कहा कि बाल श्रम बच्चों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। इससे बच्चों का बचपन प्रभावित होता है और वे शिक्षा, स्वास्थ्य तथा समग्र विकास के अवसरों से वंचित रह जाते हैं।
बच्चे देश का भविष्य हैं
श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि बच्चे राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उनके हाथों में किताबें, खेल और रचनात्मक गतिविधियां होनी चाहिए, न कि श्रम का बोझ।
उन्होंने कहा कि किसी बच्चे से मजदूरी कराना केवल उसके वर्तमान को ही नहीं, बल्कि उसके भविष्य और सपनों को भी प्रभावित करता है। बाल श्रम बच्चों की प्रतिभा और संभावनाओं को सीमित कर देता है, जिससे उनका समुचित विकास बाधित होता है।
बाल श्रम सामाजिक बुराई और कानूनी अपराध
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि बाल श्रम केवल एक सामाजिक समस्या नहीं है, बल्कि यह कानूनन दंडनीय अपराध भी है।
उन्होंने कहा कि:
बच्चों से मजदूरी कराना कानून के विरुद्ध है।
बाल शोषण और बाल तस्करी गंभीर अपराध हैं।
ऐसे मामलों में शासन और प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जाती है।
बच्चों के अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बच्चों की सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और संरक्षण प्रदान करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
सरकार द्वारा:
बाल श्रम उन्मूलन अभियान चलाए जा रहे हैं।
बाल तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
शोषण और दुर्व्यवहार के मामलों में त्वरित हस्तक्षेप किया जा रहा है।
जरूरतमंद बच्चों को संरक्षण और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
नागरिकों से की सहयोग की अपील
मंत्री ने कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से बाल श्रम पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता। इसके लिए समाज के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी बच्चे से:
अवैध रूप से काम कराया जा रहा हो,
उसे स्कूल जाने से रोका जा रहा हो,
किसी प्रकार का शोषण किया जा रहा हो,
बाल तस्करी या दुर्व्यवहार की आशंका हो,
तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभागों को दें।
शिकायत कहां करें?
ऐसी किसी भी स्थिति में नागरिक निम्न माध्यमों से शिकायत कर सकते हैं:
चाइल्ड हेल्पलाइन – 1098
स्थानीय पुलिस थाना
महिला एवं बाल विकास विभाग
जिला प्रशासन
समय पर दी गई सूचना किसी बच्चे का भविष्य बचा सकती है।
जागरूक समाज ही देगा सुरक्षित बचपन
श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि एक संवेदनशील, जागरूक और जिम्मेदार समाज ही बच्चों को सुरक्षित बचपन प्रदान कर सकता है। बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और अवसर उपलब्ध कराना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
उन्होंने सभी नागरिकों से संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि कोई भी बच्चा मजदूरी करने के लिए मजबूर न हो, बल्कि उसे शिक्षा, संस्कार और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिले।
बाल श्रम मुक्त समाज की ओर
अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस केवल जागरूकता का अवसर नहीं, बल्कि यह संकल्प लेने का दिन है कि हर बच्चे को उसका अधिकार मिले। जब बच्चे शिक्षित, सुरक्षित और सशक्त होंगे, तभी देश का भविष्य मजबूत होगा।
आइए, हम सब मिलकर ऐसा समाज बनाने का संकल्प लें जहां बच्चों के हाथों में औजार नहीं, बल्कि किताबें, सपने और उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद हो।

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