रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं और विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव विकासशील ने राज्य शासन के सभी विभागों के सचिवों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति का जायजा लिया।
बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
योजनाओं की प्रगति पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक के दौरान राज्य और केंद्र सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों से योजनाओं की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों और लंबित कार्यों की जानकारी ली गई।
समीक्षा के दौरान जिन प्रमुख योजनाओं पर चर्चा हुई, उनमें शामिल हैं:
- ई-ऑफिस
- ई-अटेंडेंस
- लोक सेवा गारंटी
- नियद नेल्लानार डैशबोर्ड
- पीएम प्रगति पोर्टल
- ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल
- टीबी मुक्त भारत अभियान
- सेवा सेतु
- पीएम सूर्य घर बिजली योजना
मुख्य सचिव ने कहा कि इन योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक समय पर और प्रभावी तरीके से पहुंचना चाहिए।
रिक्त पदों और भर्ती प्रक्रिया पर भी चर्चा
बैठक में विभागों के अंतर्गत रिक्त पदों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को रिक्त पदों का अद्यतन रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए।
इसके अलावा कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से चल रही भर्ती प्रक्रियाओं की प्रगति के संबंध में भी जानकारी ली गई। उन्होंने भर्ती से जुड़े मामलों में तेजी लाने और आवश्यक प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया।
अधिकारियों को दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि:
- योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए।
- लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाई जाए।
- विभागीय प्रगति की सतत मॉनिटरिंग हो।
- लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण किया जाए।
- नागरिक सेवाओं से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सभी विभागों की जिम्मेदारी है।
बैठक में शामिल हुए वरिष्ठ अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वन एवं जलवायु परिवर्तन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, गृह, वित्त, शिक्षा, परिवहन, पर्यटन, नगरीय प्रशासन, जल संसाधन, राजस्व, महिला एवं बाल विकास सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया।
सुशासन और जवाबदेही पर सरकार का फोकस
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की समीक्षा बैठकें प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यक्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। राज्य सरकार डिजिटल गवर्नेंस, सेवा वितरण और जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर लगातार जोर दे रही है।
मंत्रालय में आयोजित यह समीक्षा बैठक संकेत देती है कि आने वाले समय में विभिन्न विभागों के कार्यों की निगरानी और अधिक सख्ती से की जाएगी ताकि योजनाओं का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंच सके।

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