रायपुर, कृषि महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने हेतु संगोष्ठी
रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि महाविद्यालय में उज़्बेकिस्तान यात्रा पर आधारित एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य उज़्बेकिस्तान यात्रा से प्राप्त महत्वपूर्ण निष्कर्षों को साझा करना और विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों तथा शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अवसरों के प्रति जागरूक करना था। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करने के एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में आयोजित किया गया।
संगोष्ठी के प्रमुख बिंदु:
- उज़्बेकिस्तान यात्रा से प्राप्त निष्कर्ष
- कार्यक्रम की शुरुआत में, अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष, प्रोफेसर हुलास पाठक ने उज़्बेकिस्तान यात्रा से जुड़ी अपनी अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान कृषि, एग्रीबिजनेस, ग्रामीण विकास, उद्यमिता और नवाचार के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।
- यात्रा के माध्यम से विभिन्न देशों के साथ सहयोग की संभावना बढ़ी है, जो भविष्य में शिक्षा, अनुसंधान और व्यवसाय के क्षेत्र में लाभकारी सिद्ध हो सकता है।
- अंतरराष्ट्रीय अवसरों को बढ़ावा
- संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य था विद्यार्थियों और शिक्षकों को वैश्विक शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण के अवसरों से अवगत कराना। साथ ही, उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।
- छात्र एवं संकाय विनिमय कार्यक्रम, संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएँ, और विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
- विद्यार्थियों और प्राध्यापकों के लिए वित्तीय सहायता योजनाएँ
- इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों और प्राध्यापकों के लिए कई वित्तीय सहायता योजनाओं की जानकारी दी गई। इन योजनाओं का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को वैश्विक मंच पर अवसर प्रदान करना है।
- उड़ान योजना के तहत छात्रों को विदेशों में शोध एवं प्रशिक्षण के अवसर दिए जाते हैं, जबकि उत्कर्ष योजना के माध्यम से प्राध्यापकों को अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
- अधिष्ठाताओं और वैज्ञानिकों का प्रेरणादायक संबोधन
- कृषि महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे ने छात्रों को संबोधित करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर आगे बढ़ने और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
- डॉ. संजय शर्मा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अनुभव के महत्व पर चर्चा की और छात्रों को अपने करियर विकास में इन अनुभवों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
- डॉ. जी. के. दास, वरिष्ठ वैज्ञानिक, ने छात्रों को अपनी क्षमता पहचानने और वैश्विक अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने की सलाह दी।
- संगोष्ठी में भागीदारी और संचालन
- इस संगोष्ठी में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकों और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
- कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. संजय द्विवेदी ने किया और अंत में डॉ. सुनील नायर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय की वैश्विक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।

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