August 13, 2026

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Chhattisgarh ITI: जीजामगांव ITI में शुरू हुआ इलेक्ट्रिक व्हीकल ट्रेड, 2 साल की ट्रेनिंग के बाद रोजगार के खुलेंगे नए रास्ते

Chhattisgarh ITI

रायपुर। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ी बड़ी खबर है। नवीन शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (ITI) जीजामगांव में सत्र 2026-27 से पहली बार ‘मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल’ ट्रेड शुरू किया गया है। इस नए ITI में यह पहला प्रशिक्षण सत्र भी होगा।

इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल और ऑटोमोबाइल सेक्टर में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों को देखते हुए यह ट्रेड युवाओं के लिए करियर का नया विकल्प बन सकता है। खास बात यह है कि इस ट्रेड में केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक से जुड़ा व्यावहारिक और उद्योग आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा।

दो साल का होगा मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल कोर्स

‘मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल’ दो वर्षीय पाठ्यक्रम है। इसमें विद्यार्थियों को इलेक्ट्रिक वाहनों की तकनीक और उनकी सर्विसिंग से जुड़ी आधुनिक जानकारी दी जाएगी।

प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में दक्ष बनाया जाएगा:

  • इलेक्ट्रिक वाहन की तकनीक
  • बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS)
  • मोटर कंट्रोल
  • चार्जिंग सिस्टम
  • इलेक्ट्रिक वाहन की सर्विसिंग
  • फॉल्ट डायग्नोसिस
  • इलेक्ट्रिक वाहन के तकनीकी रखरखाव का प्रशिक्षण

इस तरह प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवाओं के पास ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर में काम करने के लिए जरूरी तकनीकी कौशल विकसित करने का अवसर होगा।

छत्तीसगढ़ के चुनिंदा ITI में ही संचालित है ट्रेड

मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल ट्रेड अभी छत्तीसगढ़ के चुनिंदा 5 शासकीय ITI संस्थानों में संचालित है। ऐसे में जीजामगांव के नवीन ITI में इस ट्रेड की शुरुआत धमतरी जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

इलेक्ट्रिक दोपहिया और चारपहिया वाहनों का इस्तेमाल बढ़ने के साथ इनके रखरखाव और मरम्मत के लिए प्रशिक्षित तकनीशियनों की जरूरत भी बढ़ने की संभावना है।

युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर

इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर के विस्तार के साथ प्रशिक्षित तकनीशियनों की मांग बढ़ सकती है। ITI से प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने का अवसर मिल सकता है।

कहां मिल सकती है नौकरी?

  • इलेक्ट्रिक व्हीकल सर्विस सेंटर
  • अधिकृत ऑटोमोबाइल वर्कशॉप
  • ई-व्हीकल निर्माण कंपनियां
  • चार्जिंग स्टेशन
  • बैटरी सर्विस और मेंटेनेंस यूनिट
  • इलेक्ट्रिक वाहन से जुड़ी तकनीकी सेवा कंपनियां

इसके अलावा प्रशिक्षण प्राप्त युवा अपना ई-व्हीकल सर्विस सेंटर या तकनीकी सेवा केंद्र शुरू करके स्वरोजगार की दिशा में भी आगे बढ़ सकते हैं।

जीजामगांव क्षेत्र में बढ़ रही विकास गतिविधियां

जीजामगांव क्षेत्र में विकास और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। क्षेत्र में फॉरेस्ट पार्क, फूड पार्क सहित विभिन्न परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है।

हाल ही में कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने नवीन ITI भवन के लिए चिह्नित भूमि का निरीक्षण भी किया था। ऐसे में नए ITI की शुरुआत को क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा और रोजगार के अवसरों के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।

ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू

जीजामगांव के नवीन ITI में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीयन और चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

प्रवेश के बाद मेरिट के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। प्रवेश से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए अभ्यर्थी शासकीय ITI कुरूद से संपर्क कर सकते हैं।

विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील

जिला धमतरी की नोडल संस्था शासकीय ITI कुरूद के प्राचार्य श्री योगेश देवांगन ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से इस नए ट्रेड में प्रवेश लेने की अपील की है।

उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में तेजी से बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए युवाओं से आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण का लाभ उठाने का आह्वान किया है।

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद मिली सौगात

जीजामगांव में नवीन ITI की स्थापना पिछले वर्ष की गई विकास घोषणाओं का हिस्सा है। 23 सितंबर 2025 को ग्राम करेली बड़ी में आयोजित समारोह के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जिले के लिए 83 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की घोषणा की थी। इनमें जीजामगांव में नवीन ITI की स्थापना भी शामिल थी।

अब सत्र 2026-27 से यहां मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल ट्रेड का पहला बैच शुरू होने से जिले के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा।

बदलते ऑटोमोबाइल बाजार और इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग को देखते हुए जीजामगांव ITI का यह नया ट्रेड युवाओं को भविष्य की तकनीक से जोड़ने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है। दो साल का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवा नौकरी के साथ-साथ अपना तकनीकी व्यवसाय शुरू करने की दिशा में भी आगे बढ़ सकेंगे।