पेटा इंडिया ने एक बयान में कहा कि तीन मीटर ऊंचे और 500 किलोग्राम वजनी यांत्रिक हाथी को मंदिर को दान में दिया गया था, क्योंकि मंदिर ने कभी भी जीवित हाथियों को रखने या किराए पर लेने का निर्णय नहीं किया था।
केरल की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को आधुनिक और मानवीय स्पर्श देते हुए बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी और पेटा (PETA) इंडिया ने एक सराहनीय कदम उठाया है। उन्होंने त्रिशूर के थोडथरा कलापट्टू श्री भद्रकाली मंदिर को एक वास्तविक आकार का यांत्रिक (मैकेनिकल) हाथी भेंट किया है, जिसका शनिवार को भव्य समारोह में अनावरण किया गया।
पेटा इंडिया ने एक बयान में कहा कि तीन मीटर ऊंचे और 500 किलोग्राम वजनी यांत्रिक हाथी को मंदिर को दान में दिया गया था, क्योंकि मंदिर ने कभी भी जीवित हाथियों को रखने या किराए पर लेने का निर्णय नहीं किया था। यह पेटा इंडिया द्वारा भारत के मंदिरों को दान किया गया यह 20वां रोबोटिक हाथी है और केरल में दिया गया 11 वां है।
बयान में आगे कहा गया है कि यांत्रिक हाथी का उद्घाटन समारोह और पंचवाद्यम प्रदर्शन के साथ स्वागत किया गया। यह रबर, फाइबर, धातु, जाली, फोम और स्टील से बना सातवां ऐसा हाथी है, जो पांच मोटरों द्वारा संचालित है और त्रिशूर के एक मंदिर को दान किया गया है। पाटनी ने बयान में कहा, मुझे बहुत खुशी है कि यांत्रिक हाथी थोडाथरा कलापट्टू देवी दासन का इस्तेमाल अब थोडाथरा कलापट्टू श्री भद्रकाली क्षेत्रम में अनुष्ठानों और समारोहों के लिए किया जाएगा, ताकि परंपराएं अनुग्रह और करुणा के साथ जारी रह सकें।
कैपामंगलम विधानसभा क्षेत्र से भाकपा विधायक ई टी टायसन मास्टर ने इसकास्वागत करते हुए कहा कि यांत्रिक हाथी का चयन एक प्रगतिशील कदम है जो जानवरों और जनता दोनों की रक्षा करता है। उन्होंने अपने बयान में कहा, थोडथरा कलापट्टू श्री भद्रकाली क्षेत्रम ने केरल के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह दयालु निर्णय हमारी सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान करते हुए सुरक्षित समारोहों को सुनिश्चित करता है। पेटा ने कहा कि यांत्रिक हाथी दिखने में, महसूस करने में और काम करने में असली हाथी जैसा होता है।

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