June 21, 2026

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बफर लिमिट से कई गुना अधिक खरीदी, पर 47 में सिर्फ 14 उपार्जन केंद्रों में ही डी.ओ. जारी

धान उठाव में सुस्ती से बढ़ी किसानों और खरीदी प्रभारियों की परेशानी

सरायपाली // अविनाश साहू :

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा सरायपाली, भंवरपुर एवं तोरेसिंहा के अंतर्गत संचालित 47 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी बफर लिमिट से कई गुना अधिक हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद मात्र 14 उपार्जन केंद्रों में ही डीओ (डिलीवरी ऑर्डर) जारी किया गया है। शेष केंद्रों में न तो टीओ और न ही डीओ जारी होने से धान उठाव लगभग ठप है। इससे उपार्जन केंद्रों में भंडारण की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है और खरीदी प्रभारी किसानों का धान खरीदने में असहज स्थिति में हैं।

 धान खरीदी 15 नवंबर से प्रारंभ हुई थी। नवंबर के 12 दिन और दिसंबर के 12 दिन मिलाकर अब तक कुल 24 दिन खरीदी हो चुकी है। इसके बावजूद उठाव की गति बेहद धीमी है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा सरायपाली के अंतर्गत आने वाले अमरकोट, आंवलाचक्का, बहेरापाली, बाराडोली, बोदा, केदुवां, केंदुढ़ार, लिमगांव, पुटका, चिवराकुटा, सिंगबहाल, सागरपाली, तिहारीपाली एवं मल्दामाल जैसे 14 उपार्जन केंद्रों में अभी तक टीओ-डीओ जारी नहीं हो सका है।

वहीं जिन आठ उपार्जन केंद्रों में डीओ जारी हुआ है, उनमें जम्हारी का 3600 क्विंटल, नवरंगपुर 960, नवागढ़ 12000, सरायपाली 480, कनकेबा 2240, भोथलडीह 6160, लांती 180 तथा रूढ़ा 1610 क्विंटल सहित कुल 26070 क्विंटल के लिए डीओ जारी किया गया है। इनमें से अब तक मात्र 9790 क्विंटल धान का ही उठाव हो सका है।

भंवरपुर शाखा की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है। यहां के उपार्जन केंद्रों में सिर्फ चार केंद्रों—उड़ेला (8330 क्विंटल), पुरुषोत्तमपुर (9200), बड़े साजापाली (16780) एवं सलखंड (18710)—कुल 53020 क्विंटल के लिए डीओ जारी हुआ है, जबकि उठाव केवल 3760 क्विंटल का ही हो पाया है। बिछिया, दुलारपाली, ठुठापाली, लंबर, रोहिना, रूपापाली, भंवरपुर, बाराडोली, धामनघुटकुरी एवं खोकसा सहित अन्य केंद्रों में अब तक डीओ जारी नहीं हुआ है, जबकि यहां 2 लाख 11 हजार 601 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है।

तोरेसिंहा शाखा के 11 उपार्जन केंद्रों में भी स्थिति चिंताजनक है। यहां केवल जोगनीपाली एवं सिरबोड़ा का डीओ जारी किया गया है। जोगनीपाली में 27999 क्विंटल 20 किलो धान खरीदी के मुकाबले सिर्फ 3580 क्विंटल का उठाव हुआ है। शेष केना, कोटद्वारी, तोषगांव, केजुवा, तोरेसिंहा, कुसमीसरार, गेर्रा, जंगलबेड़ा एवं बेलमुंडी केंद्रों में डीओ लंबित है। कुल मिलाकर यहां 2 लाख 9 हजार 151.20 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज की जा चुकी है।

24 घंटे टोकन व्यवस्था से बढ़ी किसानों की परेशानी..

24 घंटे ऑनलाइन टोकन काटने की सुविधा लागू होने के बाद किसानों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं। पहले सुबह 8 से शाम 5 बजे तक टोकन काटे जाते थे, अब समय सीमा हटने से किसानों को रात 12 बजे तक जागकर टोकन काटने का इंतजार करना पड़ रहा है। 5 से 15 मिनट में ही लिमिट समाप्त हो जा रही है। अधिकांश उपार्जन केंद्रों में 15 जनवरी तक की टोकन लिमिट पूरी हो चुकी है।

 बिजातीपाली सहित अन्य गांवों के किसानों ने आरोप लगाया कि ‘टोकन तुंहर हाथ’ एप में तकनीकी खामियां हैं। एक ही समय में दो अलग-अलग मोबाइल पर अलग-अलग खरीदी लिमिट दिखाई दे रही है, जिससे भ्रम की स्थिति बन रही है। किसानों ने सरकार से एप को सरल बनाने, तकनीकी त्रुटियां दूर करने तथा जहां बफर लिमिट से अधिक खरीदी हो चुकी है वहां तत्काल टीओ-डीओ जारी कर धान उठाव में तेजी लाने की मांग की है।