कबीरधाम : कबीरधाम जिले से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहां मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ में धान तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है. रेंगाखर क्षेत्र में ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार प्रेमनारायण साहू को आधी रात पिकअप और माजदा वाहन में भरा अवैध धान सीमावर्ती इलाके से पार कराते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया. यह पूरी घटना ग्रामीणों ने मोबाइल में रिकॉर्ड की और वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. जो वायरल हो रहा है. ताजा खबर इसकी पुष्टि नहीं करता है. इसे लेकर अफसरों में हड़कंप मच गया है.
ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से कई क्विंटल अवैध धान प्रदेश में लाया जा रहा था. सीमावर्ती इलाकों में धान तस्करी रोकने के लिए बेरिकेड और कर्मचारियों की व्यवस्था की गई है. लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक रेंगाखर बेरिकेड पर अक्सर कर्मचारी गायब रहते हैं. इससे तस्करों के हौसले बुलंद हुए हैं और वे रात के अंधेरे में बिना रोक-टोक धान लेकर अंदर घुसते हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण सिस्टम धान तस्करी रोकने में विफल साबित हो रहा है. उनका आरोप है कि अधिकारी और कर्मचारी मिलकर इस अवैध कारोबार को बढ़ावा दे रहे हैं. जिससे राज्य सरकार को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है. यह घटना न सिर्फ स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठाती है. बल्कि सीमावर्ती निगरानी व्यवस्था की खामियों को भी उजागर करती है.
बता दें कि थाना झलमला पुलिस ने 9 दिसंबर की रात समनापुर क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान एक पिकअप वाहन से अवैध धान जब्त किया. जानकारी के मुताबिक मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ की तरफ धान लेकर आ रहे पिकअप वाहन नम्बर CG07 CE 4920 को पुलिस टीम ने रोका. वाहन चालक विजय बसंत उम्र 33 साल निवासी ग्राम छपला थाना बिरसा जिला बालाघाट मप्र पूछताछ के दौरान धान परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका. पुलिस को अवैध परिवहन का संदेह पुख्ता मिलने पर मौके से 14 क्विंटल धान कीमत करीब 44 हजार रुपए और वाहन को जब्त किया गया. थाना झलमला में इस मामले में धारा 106 भानासु सं. के तहत जुर्म दर्ज किया गया है.
इस बारे में बोड़ला एसडीएम का कहना है कि अवैध परिवहन की कार्रवाई के लिए तहसील की टीम पहुंची थी लेकिन ग्रामीणों को गलतफहमी हो गयी. दो वाहनों पर कार्रवाई की गई है. और जप्त कर लिया गया है.

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