रायपुर। छत्तीसगढ़ में DMF घोटाला मामले में EOW की रेड कार्यवाही खत्म हो गई है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के 4 जिलों में 14 ठिकानों पर दबिश दी गई थी। इनमें रायपुर में 6, धमतरी में 1, राजनांदगांव में 5 और दुर्ग-भिलाई में 2 ठिकाने शामिल हैं।
इस रेड में रायपुर में अमित कोठारी,अशोक कोठारी के ठिकाने, महावीर प्लाई, कृष्णा इंटरप्राइजेज, और फ्यूचर हाइजिन समेत 6 ठिकानों पर दबिश दी थी। वहीं राजनांदगांव में कोल माइंस कारोबारी राधा कृष्ण अग्रवाल, मां गंगा इंटरप्राइजेज के संचालक ललित भंसाली के ठिकाने, शिवम इंटरप्राइजेज के संचालक यश नाहाटा, रोमिल नाहाटा के ठिकानों पर दबिश दी गई।
वहीं धमतरी के कुरूद निवासी गवर्मेंट सप्लायर अभिषेक त्रिपाठी के ठिकाने और भिलाई में लाइफ केयर डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक मनीष पारख के महावीर कॉलोनी दुर्ग समेत 2 ठिकानों पर दबिश दी थी। तलाशी अभियान में डिजिटल साक्ष्य, बैंक स्टेटमेन्ट्स, चल-अचल संपत्ति संबंधी दस्तावेज के अलावा अनेक अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद हुए।
जब्त दस्तावेजों में डी.एम.एफ. से राज्य के विभिन्न जिलों में फर्जी बिलिंग, वाउचर्स, जीएसटी रिटर्न्स दस्तावेजों से लोकसेवकों को कमीशन देकर सप्लाई ठेका लेने का खुलासा हुआ। वहीं अब इन जब्त दस्तावेजों की जांच जारी है।

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