महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र से रोजगार की तलाश में तमिलनाडु गए श्रमिकों को कथित रूप से बंधक बनाए जाने के मामले में जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। प्रशासन की टीम ने तमिलनाडु पहुंचकर स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय किया और श्रमिकों व उनके साथ मौजूद बच्चों को सुरक्षित मुक्त करा लिया।
जानकारी के मुताबिक, सरायपाली तहसील के ग्राम बरिहापाली के श्रमिक तमिलनाडु के नमक्कल जिले के परामती वेलुर तहसील क्षेत्र के ग्राम परिवेसोलीपालयम में काम करने गए थे। वहां काम करने के दौरान जब उन्होंने वापस अपने गांव लौटने की इच्छा जताई, तो कथित तौर पर ठेकेदार ने उन्हें वापस भेजने से मना कर दिया।
शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन
मामले की जानकारी सामने आने के बाद श्रमिक के परिवार ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। पुनीत राम यादव की पत्नी मीना यादव ने सरायपाली के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मनोज कुमार खांडे के समक्ष आवेदन देकर अपने पति और अन्य लोगों को सुरक्षित वापस लाने की मांग की।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विनय लंगेह ने श्रमिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए एक विशेष टीम गठित की और टीम को तमिलनाडु भेजा गया।
तमिलनाडु पहुंची रेस्क्यू टीम
प्रशासनिक टीम ने तमिलनाडु पहुंचकर स्थानीय अधिकारियों से संपर्क किया। आवश्यक प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी श्रमिकों को सुरक्षित मुक्त कराया गया।
श्रम पदाधिकारी डी.एन. पात्र के अनुसार, श्रमिकों को तमिलनाडु के वेलुर तहसील क्षेत्र में मुक्त कराया गया है। मौके पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
रेस्क्यू के बाद अब प्रशासन श्रमिकों की घर वापसी की तैयारी में जुटा है। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनके देर रात या अगले दिन महासमुंद के लिए रवाना होने की संभावना जताई गई है।
रेस्क्यू ऑपरेशन की खास बातें
- महासमुंद के सरायपाली तहसील के ग्राम बरिहापाली से श्रमिक तमिलनाडु गए थे।
- काम के दौरान वापस गांव लौटने की इच्छा जताई गई थी।
- परिजनों की शिकायत के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ।
- कलेक्टर ने विशेष रेस्क्यू टीम गठित कर तमिलनाडु भेजी।
- स्थानीय प्रशासन के सहयोग से श्रमिकों को मुक्त कराया गया।
- उनकी वापसी के लिए जरूरी प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
कौन-कौन लोग थे तमिलनाडु में?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बरिहापाली गांव के पुनीत राम यादव, उनके पुत्र रोहित यादव और परिवार के अन्य सदस्य रोजगार के लिए तमिलनाडु गए थे। उनके साथ बच्चे भी मौजूद थे।
बताई गई सूची में पुनीत राम यादव उम्र 65 वर्ष, रोहित यादव उम्र 23 वर्ष, तेजवंती उम्र 30 वर्ष, उमेश यादव उम्र 11 वर्ष, मानसी यादव उम्र 7 वर्ष और तुलसी यादव उम्र 40 वर्ष शामिल हैं।
इन लोगों के वापस लौटने में परेशानी होने की जानकारी मिलने के बाद परिवार ने स्थानीय प्रशासन से संपर्क किया था।
प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों से किया समन्वय
रेस्क्यू टीम ने तमिलनाडु में स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर पूरे मामले को आगे बढ़ाया। दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच समन्वय के बाद श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया पूरी की गई।
रेस्क्यू टीम में सरायपाली नायब तहसीलदार हरि प्रसाद भोई, लेबर इंस्पेक्टर टीकम चंद्राकर, कांस्टेबल हेमंत भोई और गायत्री कंवर शामिल रहे।
टीम ने स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय करते हुए श्रमिकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित की।

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