ग्राम पंचायत में फर्जी बिल 1.67 लाख की जांच अधूरी अप्रैल से!
02 अक्टूबर 2025 को विशेष ग्राम सभा का आयोजन ग्राम पंचायत प्रेतनडीह में किया गया था.
ग्राम सभा के उपरांत पंचायत बैठक मे वर्तमान सभी पंच सरपंच वा सचिव की उपस्थिति में किया गया। बैठक में विभिन्न प्रकार के प्रस्ताव पारित किए गए, जिसमें एक बोर खनन 85000 के भुगतान का भी प्रस्ताव पारित हुआ था. सचिव द्वारा बिल देखकर प्रस्ताव लिखा गया और सर्वसम्मति से पास हुआ। इसके कुछ देर बाद ही सचिव के पति पंचायत भवन अंदर पहुचे और बिल और प्रस्ताव का फोटो खींचकर सभी जानकारी पूर्व सरपंच को दे दिए और सचिव को डी एस सी भुगतान करने से मना किया गया। जिसपर एक राय नहीं हुई.
सचिव मुक्ता भोई से जब वर्तमान सभी पंच एवं सरपंच के द्वारा जब भुगतान न करने का कारण पूछा गया तो बात को टालने लगी । आरोप लगा है कि अंत में मुझे ( सरपंच दीपक) अकेले में सचिव और सचिव के पति द्वारा 20000 घुस की मांग की गई और जब तक 10000 एडवांस में, बाकी भुगतान के बाद नहीं दोगे तो भुगतान नहीं करूंगी कहा गया। और भुगतान अटका दिया गया।
लिखित शिकायत में इसी ग्राम पंचायत प्रेतनडीह में इससे पहले भी मार्च 2025 को पत्र व्यवहार किया गया जिसकी जांच और निराकरण नहीं किया गया!
आरोप है कि भोई सचिव पंचायत के सभी कामों में 40 परसेंट घुस की मांग करती है जिसका शिकायत जनपद पंचायत सीईओ से की गई थी।
मिली जानकारी अनुसार सरपंच ने सीईओ जनपद के द्वारा सचिव मुक्ता भोई के पंचायत से हटाने/ट्रांसफर के लिए जिला पंचायत सीईओ को लेटर दिया था, किंतु अभी तक ट्रांसफर की कार्यवाही नहीं हुई है।
आरोप है कि पिछले 7 माह से पंचायत के लगभग सभी लोग सचिव के हस्ताक्षर के लिए या अन्य किसी भी कार्य के लिए परेशान रहते हैं क्योंकि सचिव पंचायत भवन सिर्फ बैठक के लिए आती है अन्य किसी दिन नहीं आती , उनका घर पंचायत से 25 किलोमीटर की दूरी पर है छोटे छोटे कार्यों के लिए उनके घर ग्रामीणों को जाना पड़ता है।
मृत्यु प्रमाण पत्र जन्म प्रमाण पत्र सामान्य राशन कार्ड में नाम जोड़ने के लिए भी 200 से ₹500 प्रति आवेदन में सचिव लेती है। इन सभी विषय का शिकायत पंच सरपंच द्वारा जनपद पंचायत सीईओ से किया गया है, मगर अबतक इसका निराकरण नहीं हुआ है.
जनपद पंचायत ceo अमित हलदर –
शिकायत प्राप्त हुआ है जांच कार्यवाही की जाएगी , सचिव को हटाने पूर्व में आवेदन आया है जिसपर जिला ceo को सूचित कर दिया गया है.
ग्राम सचिव मुक्ता भोई-
ग्राम सभा में 2 अक्टूबर को गई थी मेरे पति भी साथ जाते हैं क्यूँ की मुझे बाइक चलाना नही आता, लेनदेन का आरोप पता नहीं मुझे. हाँ मेरे ट्रांसफ़र के लिए सरपंच और ग्रामीण लिखें हैं, जैसा आदेश आएगा देखेंगे.

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