June 28, 2026

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बीईओ प्रकाशचंद्र मांझी और बीआरसी प्रभारी पटेल को पद से हटाया गया

टीकमचंद पटेल बने नए बीईओ

शिक्षक संघ प्रांतीय सचिव ने साधा निशाना

शिक्षा विभाग में लंबे समय से चले आ रही शिकायतें, भ्रष्टाचार का आरोप, बिल वाउचर, खींचतान और विवादों के बीच आखिरकार सरायपाली शिक्षा विकासखंड में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाही की गई है। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) प्रकाश चंद्र मांझी और बीआरसी प्रभारी सतीश स्वरूप पटेल को उनके मूल शालाओं में भेज दिया गया है।

सरायपाली विकासखंड शिक्षा अधिकारी की नई जिम्मेदारी टीकमचंद पटेल को सौंपी गई है, जो इससे पहले मोहदा के शासकीय विद्यालय में पदस्थ थे।

आदेश को प्रशासनिक दृष्टि से पारित बताया गया है, लेकिन अंदरूनी चर्चा है कि मांझी और पटेल दोनों पर आर्थिक अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़े बड़े गंभीर आरोप लगे हुए थे। इन आरोपों की जांच अभी भी जारी है….!! बीईओ प्रकाश चंद्र मांझी को सीधे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जम्हारी पदस्थ किया गया है, वहीं सतीश स्वरूप पटेल भी अपने मूल पद पर भेजा गया है.

शिक्षक संघ का प्रांतीय सचिव सामने आया–

इस कार्रवाई को लेकर छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के प्रांतीय सचिव रूपानंद पटेल ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा—“भ्रष्टाचार और विवादों में घिरे ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रकाश चंद्र मांझी को हटाया गया है। इस निर्णय के लिए शिक्षा मंत्री जी का धन्यवाद।”
उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में आगे कहा—“हो गया सफाया…
उनकी इस टिप्पणी ने पूरे सरायपाली क्षेत्र में चर्चा तेज कर दी है।

कई पहलुओं पर जांच पर टिकी निगाहें ..

स्थानीय स्तर पर शिक्षकों और अभिभावकों का कहना है कि यदि अधिकारियों पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी, तो सच्चाई सामने आएगी। कई शिक्षकों का आरोप है कि विकासखंड में योजनाओं के क्रियान्वयन और शैक्षणिक संसाधनों के वितरण में लंबे समय से गड़बड़ियां की जा रही थीं। अब जब अधिकारियों को हटा दिया गया है और नए बीईओ की नियुक्ति हो गई है, तो सभी को उम्मीद है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार आएगा।

सरायपाली के शिक्षक और विद्यार्थी अब उनसे उम्मीद लगाए बैठे हैं कि वे विकासखंड की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आएगा और पुराने विवादों से बाहर निकालेंगे।

इस कार्यवाही से शिक्षा जगत में हलचल..

सरायपाली ब्लॉक शिक्षा विभाग में यह बदलाव अचानक आया है। साथ ही बीजेपी के जिला प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल के दौरे के बाद ही यह कदम माना जा रहा है.
बीईओ और बीआरसी प्रभारी दोनों का एक साथ हटाया जाना और नए बीईओ की नियुक्ति अपने आप में बड़ा संकेत माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जांच में भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह कार्रवाई शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक मिसाल साबित होगी।

फिलहाल प्रशासनिक आदेश लागू हो चुका है। टीकमचंद पटेल ने कार्यभार संभाल लिया है, लेकिन पूरे घटनाक्रम ने सरायपाली ब्लॉक ही नहीं, बल्कि पूरे महासमुंद जिले में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।