August 30, 2026

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कांग्रेस नेता का भाजपा पर हमला: श्रद्धा पर टैक्स और बीफ पर छूट, आखिर किसका उत्सव मना रही है भाजपा?

बिलासपुर । जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर जीएसटी रिफॉर्म के बहाने जनता को गुमराह करने और उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला। बिलासपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि जीएसटी में छूट के नाम पर भाजपा सरकार नौटंकी कर रही है, जबकि ग़रीब, मध्यमवर्गीय परिवार और श्रद्धालु लगातार महंगाई की मार झेल रहे हैं।

उन्होंने सवाल उठाया—

“क्या जीएसटी रिफॉर्म का फायदा ग़रीब के रसोई को मिला या पूजा-पाठ करने वाले श्रद्धालु को? श्रद्धा के नाम पर टैक्स और बीफ पर छूट—आखिर सरकार किसका उत्सव मना रही है?”

लूट पहले, छूट अब — भाजपा की आर्थिक चालाकी’

विजय केशरवानी ने कहा कि 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से केंद्र सरकार ने ग़रीब और आम आदमी की जेब पर लगातार प्रहार किया है। पहले रोजमर्रा के सामानों, बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों और अंतिम संस्कार तक पर टैक्स लगाकर लूटा गया और अब रिफॉर्म के नाम पर छूट दिखाकर वाहवाही लूटने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा,

“केंद्र सरकार ने जीएसटी लागू करने से पहले ही दाम बढ़ा दिए। बादाम और घी जैसे रोजमर्रा के सामान में टैक्स कम करने का नाटक किया गया, लेकिन हकीकत में कीमतें और बढ़ गईं।”

टैक्स फ्री बीफ—गाय के नाम पर सत्ता, चुप्पी क्यों?’

उन्होंने भाजपा और उससे जुड़े हिन्दू संगठनों पर तंज कसते हुए कहा कि बीफ को जीएसटी से बाहर रखकर केंद्र सरकार ने बीफ निर्यात को बढ़ावा दिया है, जिससे गौ-हत्या में इजाफा होगा।

“गाय के नाम पर सत्ता पाने वाले आज बीफ को टैक्स फ्री कर मौन क्यों हैं? यही भाजपा का असली चेहरा है।”

जीएसटी से शिक्षा, स्वास्थ्य और रसोई सब पर असर’

विजय केशरवानी ने बताया कि पेपर मिल पर टैक्स बढ़ने से बच्चों की कॉपियां महंगी हुई हैं। ट्रांसपोर्ट पर टैक्स बढ़ने से हर वस्तु की कीमत स्वतः बढ़ गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिजली बिल, पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस को जीएसटी से बाहर क्यों रखा गया है — “क्या इसलिए कि इसकी आपूर्ति प्रधानमंत्री के मित्र उद्योगपति करते हैं?”

उन्होंने कहा,

“यह कोई जीएसटी नहीं, गब्बर सिंह टैक्स है जिसने ग़रीब, किसान, विद्यार्थी और आम नागरिक की कमर तोड़ दी है।”

 ‘उत्सव किसका, किसके लिए?’

उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि भाजपा सरकार जीएसटी रिफॉर्म को उत्सव की तरह मना रही है, जबकि आम आदमी अब भी महंगाई की मार से कराह रहा है।

“बाजार में जाइए, सब्जी और फल के दाम सुनिए, जेब खुद जवाब दे देगी। भाजपा नेता कभी खुद किराना दुकान और सब्जी बाजार जाकर हकीकत देखेंगे?”

जीएसटी पर विजय का सवाल

विजय केशरवानी की प्रेसवार्ता ने जीएसटी रिफॉर्म के सरकारी उत्सव पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। श्रद्धा पर टैक्स और बीफ पर छूट जैसे मुद्दों को उठाकर उन्होंने भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियों को कटघरे में खड़ा कर दिया।