August 29, 2026

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ममता बनर्जी ने बीजेपी पर लगाया आरोप: बंगालियों पर थोपा जा रहा ‘भाषाई आतंक’

ऑपरेशन पुशबैक के तहत देश में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को पकड़-पकड़कर उनके देश वापस भेजा जा रहा है। हालांकि, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री लगातार आरोप लगा रहीं है कि, इस ऑपरेशन के नाम पर देशभर में बंगालियों को निशाना बनाया जा रहा है। ममता बनर्जी ने रविवार को भाजपा पर हमला बोलते हुए केंद्र सरकार पर देश भर में बंगालियों पर “भाषाई आतंक” का शासन थोपने का आरोप लगाया. उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस ने एक प्रवासी परिवार के सदस्यों की पिटाई की. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें कथित तौर पर बच्चे के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया गया है.

ममता बनर्जी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें एक बच्चे और उसकी मां को, जो उनके अनुसार मालदा के चंचल से आए प्रवासी परिवार का हिस्सा थे, कथित तौर पर पुलिस द्वारा पीटा जा रहा है.

उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “घृणित!! भयानक!! देखिए कैसे दिल्ली पुलिस ने मालदा के चंचल से आए एक प्रवासी परिवार के सदस्य, एक बच्चे और उसकी मां की बेरहमी से पिटाई की. देखिए कैसे बंगालियों के खिलाफ देश में भाजपा द्वारा फैलाए गए भाषाई आतंक के शासन में एक बच्चा भी हिंसा की क्रूरता से नहीं बच पा रहा है!” उन्होंने आगे कहा, “वे अब हमारे देश को कहां ले जा रहे हैं?”

भाषा के नाम पर बांग्ला भाषियों पर अत्याचार का आरोप

इससे पहले सोमवार को टीएमसी की शहीद दिवस रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा था, “बीजेपी ने बंगालियों और उनकी भाषा पर आतंक फैलाया है; अगर यह नहीं रुका तो हमारा प्रतिरोध आंदोलन दिल्ली तक पहुंचेगा.” उन्होंने कहा, “बीजेपी और चुनाव आयोग बंगाल के खिलाफ साजिश कर रहे हैं और बंगालियों को मतदाता सूची से हटाना चाहते हैं.”

ममता बनर्जी ने चेतावनी दी कि अगर राज्य में एनआरसी या “एसआईआर जैसी” प्रक्रियाएं शुरू की गईं, तो टीएमसी उनका कड़ा विरोध करेगी. उन्होंने कहा कि हम इसकी कभी अनुमति नहीं देंगे.

बंगाली अस्मिता को लेकर टीएमसी ने शुरू किया आंदोलन

उन्होंने टीएमसी कार्यकर्ताओं को 27 जुलाई के बाद हर सप्ताहांत में “बंगालियों पर बीजेपी के हमलों” के विरोध में प्रदर्शन करने का निर्देश दिया. आंदोलन के तहत, टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रविवार को पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में रैलियां कीं.

ममता बनर्जी और टीएमसी की ओर से लगातार बांग्ला भाषियों पर भाषा को लेकर प्रताड़ित करने का आरोप लगता रहा है. ममता बनर्जी का आरोप है कि बांग्ला बोलने पर भी लोगों को बांग्लादेशी करार दिया जा रहा है. उनके साथ मारपीट की जा रही है और कइयों को बांग्लादेश का नागरिक करार दिया जा रहा है.

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से जानबूझ को बंगाल की अस्मिता के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और बांग्लाभाषियों को अपमानित किया जा रहा है. इससे पहले 21 जुलाई को शहीद सभा के दौरान ममता बनर्जी ने भाषाई अस्मिता के खिलाफ लगातार आंदोलन का ऐलान किया है.