कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कुसमुंडा क्षेत्र में SECL (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के खिलाफ विस्थापित महिलाओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह दृश्य छत्तीसगढ़ की “महतारीमन” (मातृशक्ति) के एक दर्दनाक और संघर्षशील रूप को सामने लाता है।प्रदर्शन कर रही महिलाएं अपनी पुश्तैनी जमीन से विस्थापित होने के बाद अब तक रोजगार नहीं मिलने से आक्रोशित हैं। उन्होंने SECL प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया और रोजगार की मांग को लेकर सड़क पर उतर आईं।
महिलाओं का कहना है कि पुरखौती भुइंया (पैतृक भूमि) छिनने के बाद उन्हें नौकरी देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विरोध के दौरान महिलाओं ने तख्तियां और बैनर लेकर जोरदार नारेबाजी की और स्थानीय प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। यह आंदोलन न्याय और अधिकारों के लिए लड़ रही महिलाओं के धैर्य की सीमा को दर्शाता है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द रोजगार नहीं दिया गया तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।

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