August 31, 2026

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दनगरी वाटरफॉल में बड़ा हादसा टला! तेज बहाव के बीच फंसे 7 पर्यटक, घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन

जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में दनगरी वाटरफॉल घूमने पहुंचे सात पर्यटकों की जान उस वक्त मुश्किल में पड़ गई, जब वे नदी के तेज बहाव के बीच फंस गए। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ था। इसके बावजूद पर्यटक जलप्रपात तक पहुंचने के लिए नदी और पहाड़ी नालों को पार कर रहे थे।

अचानक पानी का बहाव बढ़ने के बाद सातों पर्यटक नदी के बीच फंस गए। स्थिति बिगड़ती देखकर आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल इसकी जानकारी स्थानीय लोगों और रेस्क्यू टीम को दी। सूचना मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंचा और पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश शुरू की।

तेज बहाव के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण रहा। घंटों की मशक्कत के बाद बचाव टीम और स्थानीय लोगों ने सावधानीपूर्वक सभी सात पर्यटकों को एक-एक कर सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई और सभी पर्यटक सुरक्षित बच गए।
नदी का बहाव बढ़ा, बीच में फंसे पर्यटक

जानकारी के मुताबिक, सातों पर्यटक दनगरी वाटरफॉल घूमने पहुंचे थे। उस समय क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही थी और नदी में पानी का बहाव काफी तेज था।

बारिश के कारण आसपास के नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ा हुआ था। इसी दौरान पर्यटक नदी और पहाड़ी नालों को पार करते हुए जलप्रपात की ओर बढ़ रहे थे। अचानक पानी बढ़ने से उनके लिए वापस लौटना मुश्किल हो गया।

कुछ ही देर में सातों पर्यटक तेज बहाव के बीच फंस गए। उन्हें मुश्किल में देखकर मौके पर मौजूद लोगों में भी अफरा-तफरी मच गई।
घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोग और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। नदी में तेज बहाव होने के कारण बचाव कार्य बेहद सावधानी से किया गया।

टीम ने पहले स्थिति का जायजा लिया और इसके बाद पर्यटकों तक पहुंचने का प्रयास शुरू किया। लगातार प्रयास के बाद सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता मिली।

रेस्क्यू के बाद राहत की बड़ी बात:

सभी 7 पर्यटक सुरक्षित बाहर निकाले गए।
किसी पर्यटक की जान नहीं गई।
तेज बहाव के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण रहा।
स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू टीम के साथ सहयोग किया।

सामने आया घटना का वीडियो

इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में तेज बहाव के बीच फंसे पर्यटक नजर आ रहे हैं। घटनाक्रम को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि उस समय मौके पर स्थिति कितनी गंभीर रही होगी।

वीडियो सामने आने के बाद बारिश के मौसम में जलप्रपात और नदी किनारे जाने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
बारिश में बढ़ जाता है खतरा

जशपुर जिले में लगातार बारिश के कारण कई नदी-नाले उफान पर हैं। ऐसे में जलप्रपात और नदी किनारे घूमने जाने वाले पर्यटकों के लिए खतरा सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, कई पर्यटक रोमांच और प्राकृतिक सुंदरता देखने के लिए नदी और पहाड़ी नालों को पार करते हैं। लेकिन बारिश के दौरान पानी का बहाव अचानक तेज हो सकता है।

ऐसी स्थिति में कुछ ही मिनटों में हालात बदल सकते हैं और वापस लौटना भी मुश्किल हो सकता है।
करीब 100 फीट ऊंचाई से गिरता है झरना

दनगरी जलप्रपात जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड में सुलेसा और पंडरापाठ के बीच स्थित है। प्राकृतिक सुंदरता के कारण यह क्षेत्र पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है।

यहां करीब 100 फीट ऊंची पहाड़ी से झरने की तीन धाराएं एक साथ नीचे गिरती हैं। बारिश के मौसम में पानी की मात्रा बढ़ने के कारण जलप्रपात का दृश्य बेहद आकर्षक दिखाई देता है।

इसी प्राकृतिक खूबसूरती को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। हालांकि बारिश के दौरान यही प्राकृतिक क्षेत्र जोखिम भरा भी हो जाता है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल

सात पर्यटकों के तेज बहाव में फंसने की घटना के बाद दनगरी वाटरफॉल में सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान यहां पर्यटकों की आवाजाही पर निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए।

खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने के साथ ही तेज बहाव वाले नदी-नालों को पार करने से पर्यटकों को रोकने की जरूरत है।
पर्यटकों के लिए जरूरी सावधानी

बारिश के मौसम में जलप्रपात घूमने जाने वाले लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए—

तेज बहाव वाली नदी या नाले को पार करने की कोशिश न करें।
जलस्तर बढ़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर लौटें।
प्रशासन की चेतावनी और प्रतिबंध का पालन करें।
झरने के बेहद करीब जाकर सेल्फी या वीडियो बनाने से बचें।
बच्चों को नदी और पहाड़ी नालों के पास अकेला न छोड़ें।

दनगरी वाटरफॉल में हुई यह घटना एक बार फिर बताती है कि बारिश के मौसम में प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। फिलहाल सातों पर्यटकों के सुरक्षित बच जाने से बड़ा हादसा टल गया है।