September 1, 2026

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रायपुर के नंदनवन का होगा भव्य कायाकल्प! 50 करोड़ की लागत से बनेगा बॉटनिकल गार्डन, PPP मॉडल से बदलेगी पूरी तस्वीर

रायपुर। राजधानी रायपुर के अटारी गांव स्थित नंदनवन को अब नए और आकर्षक स्वरूप में विकसित करने की तैयारी है। लंबे समय से पुनर्विकास की चर्चा के बीच अब परियोजना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रस्तावित योजना के तहत नंदनवन का कायाकल्प करीब 50 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया जाएगा।

नंदनवन पुनर्विकास परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित करने का प्रस्ताव है। योजना का उद्देश्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन और लोगों के लिए बेहतर सुविधाओं को बढ़ावा देना है।

मंत्रालय महानदी भवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों ने मुख्य सचिव विकासशील के समक्ष नंदनवन पुनर्विकास की प्रस्तावित परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया।

50 करोड़ की परियोजना से बदलेगा नंदनवन

प्रस्तावित योजना के तहत नंदनवन में कई स्तरों पर विकास कार्य किए जाने की तैयारी है। करीब 50 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से मौजूदा सुविधाओं को बेहतर करने के साथ नए आकर्षण विकसित किए जाएंगे।

परियोजना का मुख्य फोकस ऐसा बॉटनिकल गार्डन तैयार करना है, जहां पर्यटकों को प्रकृति के करीब आने का अवसर मिले और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जा सके।

परियोजना में मुख्य प्राथमिकताएं
नंदनवन के मौजूदा ढांचे का पुनर्विकास।
आधुनिक बॉटनिकल गार्डन का विकास।
पर्यटकों के लिए बेहतर जन-सुविधाएं।
बुनियादी ढांचे को मजबूत करना।
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना।
पर्यटन आकर्षण को विकसित करना।
PPP मॉडल के माध्यम से परियोजना का संचालन और विकास।
PPP मॉडल पर होगा विकास

नंदनवन पुनर्विकास परियोजना को PPP मॉडल पर विकसित करने की योजना है। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के जरिए सरकारी संसाधनों और निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता का उपयोग कर परियोजना को विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस मॉडल के तहत बेहतर प्रबंधन और आधुनिक सुविधाओं को विकसित करने पर जोर दिया जा सकता है। हालांकि परियोजना के अंतिम स्वरूप और कार्यान्वयन से जुड़ी विस्तृत जानकारी आगे की प्रक्रिया में स्पष्ट होगी।

पर्यटकों की सुविधा पर विशेष जोर

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने परियोजना में पर्यटकों की सुविधा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नंदनवन को केवल हरियाली और वनस्पतियों तक सीमित न रखते हुए इसे लोगों के लिए आकर्षक और सुविधाजनक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।

इसके लिए जन-सुविधाओं और पर्यटकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास कार्यों की योजना बनाने पर जोर दिया गया है।

नंदनवन को नए स्वरूप में विकसित करने से रायपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए एक बेहतर प्राकृतिक पर्यटन स्थल उपलब्ध होने की उम्मीद है।

बॉटनिकल गार्डन बनेगा प्रमुख आकर्षण

परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बॉटनिकल गार्डन का विकास होगा। इसका उद्देश्य विभिन्न प्रकार की वनस्पतियों के संरक्षण और प्रदर्शन के साथ लोगों को प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति जागरूक करना भी हो सकता है।

अगर प्रस्तावित योजना के अनुसार विकास होता है तो नंदनवन में आने वाले पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण के साथ आधुनिक सुविधाओं का अनुभव मिल सकेगा।

पर्यावरण और पर्यटन का बनेगा संतुलन

नंदनवन के पुनर्विकास की योजना में पर्यावरण संरक्षण को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। ऐसे में परियोजना के तहत विकास कार्यों के साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर भी ध्यान दिए जाने की उम्मीद है।

बॉटनिकल गार्डन जैसे प्रोजेक्ट लोगों के लिए मनोरंजन और पर्यटन के साथ-साथ वनस्पति विविधता को समझने का अवसर भी उपलब्ध करा सकते हैं।

बैठक में मौजूद रहे कई वरिष्ठ अधिकारी

मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, NRDA के सीईओ चंदन कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और प्रस्तावित विकास योजना का प्रस्तुतिकरण किया।

रायपुर को मिल सकता है नया पर्यटन केंद्र

नंदनवन का प्रस्तावित कायाकल्प पूरा होने के बाद यह रायपुर के प्रमुख प्राकृतिक और पर्यटन स्थलों में अपनी जगह मजबूत कर सकता है। करीब 50 करोड़ रुपये की अनुमानित परियोजना और PPP मॉडल के जरिए इसे आधुनिक स्वरूप देने की योजना है।

फिलहाल परियोजना प्रस्तावित चरण में है। आगे इसकी स्वीकृति, निविदा और निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया के बाद विकास कार्यों की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।

अगर योजना जमीन पर उतरती है, तो अटारी स्थित नंदनवन आने वाले समय में प्रकृति, पर्यावरण और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के संगम वाले नए गंतव्य के रूप में विकसित हो सकता है।