August 31, 2026

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सारंगढ़ की बेटी रीमा राय ने रचा इतिहास! शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार से सम्मानित, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बढ़ाया देश का मान

सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के लिए 29 अगस्त का दिन गर्व और खुशी लेकर आया। नगर पंचायत बरमकेला की होनहार बेटी और सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी रीमा राय को राज्य के सर्वोच्च खेल सम्मानों में शामिल शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार 2025-26 से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रीय खेल दिवस और हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर रायपुर में आयोजित राज्य खेल अलंकरण समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।

रीमा राय की इस उपलब्धि से उनके परिवार के साथ-साथ पूरे सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में खुशी का माहौल है। छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाली रीमा ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और लगातार अभ्यास के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।

रायपुर में हुआ भव्य सम्मान समारोह

राज्य खेल अलंकरण समारोह 2026 का आयोजन 29 अगस्त को राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और मंत्री मौजूद रहे।

रीमा राय को मंच से सम्मानित कर उनके खेल प्रदर्शन और उपलब्धियों की सराहना की गई।

समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री एवं खेलकूद और युवा कल्याण मंत्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब तथा सांसद बृजमोहन अग्रवाल और विजय बघेल सहित अन्य अतिथियों की मौजूदगी रही।

10 साल से सॉफ्ट टेनिस में सक्रिय

रीमा राय पिछले करीब 10 वर्षों से सॉफ्ट टेनिस खेल रही हैं। लगातार अभ्यास और प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के चलते उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है।

उनकी खेल यात्रा की खास बात यह है कि उन्होंने सिर्फ राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में ही सफलता हासिल नहीं की, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है।

रीमा राय की उपलब्धियां
करीब 10 वर्षों से सॉफ्ट टेनिस में सक्रिय।
राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन।
राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुकी हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व।
शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार 2025-26 से सम्मानित।
परिवार और जिले का नाम किया रोशन

रीमा राय, रामप्रसाद राय की बेटी हैं। उनकी सफलता ने परिवार को गौरवान्वित करने के साथ-साथ बरमकेला और पूरे सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले को भी नई पहचान दिलाई है।

एक छोटे शहर से निकलकर खेल के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचना आसान नहीं होता। इसके लिए लंबे समय तक अनुशासन, निरंतर अभ्यास और प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन की जरूरत होती है।

रीमा ने इसी मेहनत के दम पर खेल के क्षेत्र में अपनी जगह बनाई है।

युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा

रीमा राय को मिले इस सम्मान से क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों में भी उत्साह बढ़ा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, खिलाड़ियों और नागरिकों ने उनकी उपलब्धि पर खुशी जताई है।

लोगों का कहना है कि रीमा की सफलता बरमकेला क्षेत्र के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। ग्रामीण और छोटे शहरों में मौजूद प्रतिभाओं को अगर उचित प्रशिक्षण और अवसर मिलें तो वे भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकती हैं।

खेल के प्रति बढ़ेगा युवाओं का रुझान

रीमा की उपलब्धि के बाद क्षेत्र में खेल गतिविधियों को लेकर नई उम्मीद जगी है। उनका सफर यह संदेश देता है कि किसी बड़े शहर से होना ही सफलता की गारंटी नहीं है। प्रतिभा, मेहनत और निरंतर प्रयास के जरिए छोटे शहरों से निकलने वाले खिलाड़ी भी बड़े मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं।

स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे खिलाड़ियों को सम्मान मिलने से नई पीढ़ी में खेलों के प्रति रुचि बढ़ेगी। साथ ही अभिभावक भी बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं।

सम्मान से बढ़ा हौसला

शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार रीमा राय के लिए केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और संघर्ष की पहचान है। राष्ट्रीय पदक जीतने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली रीमा के लिए यह उपलब्धि उनके खेल करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की इस बेटी ने अपनी उपलब्धि से यह साबित किया है कि सही लक्ष्य, निरंतर मेहनत और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ छोटे शहरों से निकलकर भी देश और प्रदेश का नाम रोशन किया जा सकता है।

रीमा राय की सफलता अब बरमकेला और आसपास के युवाओं के लिए एक मिसाल बन गई है।