रायपुर, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के माना कैम्प स्थित बाल गृह का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों की स्थिति, देखभाल व्यवस्था, पोषण, चिकित्सा सुविधा, शैक्षणिक गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था की विस्तार से जानकारी ली।


निरीक्षण के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बच्चों के साथ आत्मीय संवाद स्थापित किया और उनकी आवश्यकताओं को समझते हुए अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसिक रूप से विशेष बच्चों की देखभाल में संवेदनशीलता और निरंतर देखरेख की आवश्यकता होती है। ऐसे बाल गृहों में बच्चों के लिए एक सुरक्षित, सम्मानजनक और प्रेमपूर्ण वातावरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर श्रीमती राजवाड़े ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए बच्चों के साथ मिलकर आम और अमरूद का पौधा रोपित किया और इसे अपनी मां के नाम समर्पित किया। उन्होंने कहा, हर पौधा सिर्फ हरियाली नहीं बढ़ाता, यह हमारी जिम्मेदारी और हमारी जड़ों से जुड़ाव का प्रतीक है। एक मां जिस तरह अपने बच्चों को संरक्षण देती है, ठीक उसी तरह पेड़ भी प्रकृति की कोख से उपजा जीवनदायी अस्तित्व है।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बाल गृह के अधीक्षक और समस्त स्टाफ को बच्चों की सेवा में और अधिक सक्रिय व संवेदनशील रहने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि राज्य सरकार मानसिक रूप से विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए सुविधाओं का लगातार उन्नयन करती रहेगी।

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