September 1, 2026

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प्रशासन की कड़ी कार्रवाई: पीएम आवास योजना में ढिलाई पर 14 सचिवों का वेतन रोका

अंबिकापुर केंद्र और राज्य सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार पूरी तरह गंभीर रुख अपना रही है। योजना के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अफसरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सीएम के निर्देशों का असर अब जमीनी स्तर पर भी नजर आने लगा है। अंबिकापुर जिले में पीएम आवास योजना के क्रियान्वयन में ग्राम सचिवों की सुस्ती को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला पंचायत प्रशासन ने सात विकासखंडों में पदस्थ 14 ग्राम सचिवों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनका वेतन रोकने का आदेश जारी किया है। साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस भी थमाया गया है।
सख्ती से मचा हड़कंप

यह कार्रवाई जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) विनय अग्रवाल के निर्देश पर की गई है। उनके इस सख्त रुख से पूरे सरकारी महकमे में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि जिन सचिवों ने योजना के तहत आवंटित मकानों का निर्माण कार्य समय पर शुरू नहीं कराया, या लाभार्थियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया, उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।
शिकायतों पर तुरंत निराकरण

सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पीएम आवास योजना से जुड़ी किसी भी शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि हर पात्र हितग्राही को योजना का लाभ समयसीमा में दिया जाए।
लापरवाही पर नहीं मिलेगी राहत

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाल ही में अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री आवास योजना के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन में किसी भी तरह की उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार की मंशा स्पष्ट है कि गरीबों को उनका पक्का घर मिले और किसी भी स्तर पर कोई बाधा न आए।
आगे और होगी निगरानी

अंबिकापुर में ग्राम सचिवों पर हुई कार्रवाई यह साफ संकेत देती है कि छत्तीसगढ़ सरकार अब योजनाओं के क्रियान्वयन में जरा भी ढिलाई सहन नहीं करेगी। पीएम आवास योजना जैसे जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से लागू करने के लिए शासन का यह कदम निश्चित रूप से प्रशंसनीय है।