बिहार के शहरी क्षेत्र में स्थित सभी कन्या विद्यालयों में महिला विकास निगम द्वारा सेनेटरी पैड व डिस्पोजल मशीन लगायी जाएगी। मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में ये मशीन लगायी जाएंगी। इनके अलावा सभी 534 कस्तूरबा विद्यालयों, सभी जिलों के जिलाधिकारी कार्यालय और पुलिस लाइन में भी एक-एक सेनेटरी पैड मशीन लगेगी। सचिवालय के सभी विभागों के महिला शौचालयों में भी मशीन लगाई जाएगी। मामूली राशि पर मशीन से पैड मिलेंगे। संबंधित विभाग राशि तय करेगा। महिला विकास निगम की अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हरजौत कौर ने माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के चीफ मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान इसकी जानकारी दी। प्रशिक्षण 21 से 24 नवंबर तक चलेगा। राज्यभर के शिक्षा विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अलावा कई विभागों की पांच से छह महिला कर्मियों को मास्टर ट्रेनर बनाया गया है। चीफ मास्टर ट्रेनर अपने-अपने विभाग की अन्य महिला कर्मियों को प्रशिक्षित करेंगी। ज्ञात हो कि स्कूली छात्राओं और विभिन्न विभाग की महिला कर्मियों को माहवारी स्वच्छता प्रबंधन की सुविधा दी जाए, इसके लिए महिला विकास निगम द्वारा यह पहल की जा रही है। निगम द्वारा इसके लिए हर जिला में पैड तैयार करने की एक यूनिट भी लगाई जाएगी। अभी तक एनजीओ या स्थानीय तौर पर स्कूल प्रशासन द्वारा सेनेटरी पैड मशीन लगायी गयी है, लेकिन पहली बार महिला विकास निगम द्वारा मशीन लगायी जाएगी। मशीन के रख-रखाव संचालन के लिए ट्रेनर तैयार की जा रही हैं।
माहवारी स्वच्छता प्रबंधन को लेकर यूनिसेफ प्रशिक्षण दे रहा है। यूनिसेफ की मोना सिन्हा ने बताया कि माहवारी के दौरान हाइजीन सुनिश्चित करने की कवायद की जा रही है। चार दिनों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में माहवारी स्वच्छता से संबंधित तमाम जानकारियां दी जाएंगी। वहीं, माहवारी से संबंधित भ्रांतियां भी दूर की जाएंगी। इस कार्यक्रम में स्कूलों में सैनिटरी पैड मशीन की सुनिश्चितता संबंधी रोड मैप भी तैयार किया जा रहा है।
50 लाख छात्राओं को होगा फायदा
सेनेटरी पैड मशीन लगने से राज्यभर की मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक की 50 लाख से अधिक छात्राओं को इसका फायदा होगा। वहीं दो लाख से अधिक सचिवालय, कलेक्ट्रट और पुलिस लाइन की महिला कर्मियों को इसका लाभ होगा। स्कूली छात्राओं को मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य योजना के तहत हर साल तीन सौ रुपये दिये जाते हैं। छात्राएं अब अपने स्कूल से ही सेनेटरी पैड ले पायेंगी।

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