60% राशि केंद्र की तरफ से तो 40% राशि राज्य शासन के तरफ से!
रायपुर/दि बीबीसी लाइव :
यह खबर आपके स्वास्थ्य से, परिवार से जुड़ा हुआ है। यह जानकर पढ़कर आप हैरान हो जाएंगे की अब आम जनता को निजी अस्पतालों में मिल रही निशुल्क प्रसव सुविधा को बंद कर दिया गया है।
केंद्र सरकार और राज्य सरकार के भुगतान विवाद के बीच अब हितग्राही ही पिसाएगा और इस सेवा से सायद वंचित रह जायेगा!
आयुष्मान भारत के तहत जहां हितग्राही को यह महत्वपूर्ण योजना नसीब हो रही थी, अब यह योजना बंद होने से बड़ी समस्या पैदा हो गई है।
ज्ञात हो की स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस योजना के तहत 60% राशि केंद्र की तरफ से वा 40% राशि राज्य शासन के तरफ से वहन किया जाता है।
इस पर स्वस्थ्य विभाग ने केंद्र को पत्र लिखकर इस योजना को यथावत रखने की मांग की है। यदि इस मांग को लेकर केंद्र का रुख सकारात्मक नही रहा तो राज्य शासन अपने स्तर पर जारी रखने विचार कर सकती है! ऐसा सूत्रों का कहना है!
केंद्र के जवाब के बाद ही राज्य कुछ निर्णय ले सकती है।
जानकारी मुताबिक हर साल करीब 5लाख प्रसव होता है जिसमे 40% प्रसव निजी अस्पतालों में किया जाता है और जिसमे सिजेरियन को प्राथमिकता दी जाती है। जिसमे आयुष्मान योजना के तहत यह भुगतान किया जाता है।

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