नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर की तेरह साल की एक छात्रा का करीब दो हफ्ते पहले कथित तौर पर अपहरण कर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था. बुधवार को छात्रा ने आत्महत्या कर ली.
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि छात्रा ने यह कदम इस मामले की जांच को लेकर पुलिस की कथित ढिलाई और निष्क्रियता के चलते उठाया है.
अख़बार के अनुसार, इस घटना के बाद संबंधित थाने के एसएचओ को हटा दिया गया है और जांच अधिकारी को निलंबित कर दिया है.
पुलिस के अनुसार, मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें एक महिला भी हैं, जो छात्रा की रिश्तेदार हैं. पुलिस का दावा है कि वो अपहरण में शामिल थीं.
बताया गया है कि 16 सितंबर की सुबह छात्रा का अपहरण उसके स्कूल जाने के रास्ते में हुआ. दो दिन बाद जब वह घर लौटी तब उसने बताया कि वह किसी तरह लखनऊ से अपहरणकर्ताओं के चंगुल से भागकर निकली. उसने यह भी बताया कि लखनऊ के एक होटल में दो लोगों ने उसके साथ बलात्कार किया.
पुलिस के अनुसार, इन दो लोगों की पहचान अब तक नहीं हुई है.
उप महानिरीक्षक (अयोध्या रेंज) अमरेंद्र पीडी सिंह ने बताया, ‘गिरफ्तार किए गए लोगों में से एक महिला है, जो लड़की की रिश्तेदार है. दूसरा एक 35 वर्षीय व्यक्ति है जो लड़की और उसके परिवार को जानता था. वे लोग उस समय मौजूद थे जब दो अन्य लोगों ने लड़की का अपहरण किया था. आरोपी महिला ने अपहरण में मदद की. मैं अधिक जानकारी नहीं दे सकता क्योंकि जांच जारी है. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी हम और जानकारी साझा करेंगे.’
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों को लड़की के अपहरण की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. अधिकारी ने कहा, ‘जिस व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है वह छात्रा की जाति का नहीं है.’
पीड़िता के परिवार के एक सदस्य ने गुरुवार को पुलिस पर मामले में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा, ‘प्रशासन और पुलिस ने मामले पर ध्यान नहीं दिया. उसने (छात्रा ने) पहले ही मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों से कहा था कि अगर मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया तो वह अपनी जान ले लेगी. उसने पुलिसवालों से भी ये कहा था कि अगर उसके साथ बलात्कार करने वाले पकड़े नहीं गए, तब भी वो आत्महत्या कर लेगी.’
परिजन ने आगे बताया, ‘वो लोग उसे लखनऊ ले गए और उसके साथ बलात्कार किया. हमने घटना की सूचना पुलिस को दी थी लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया. पुलिसवाले आते थे और बस पूछताछ किया करते थे कि क्या हुआ था.’
बताया जा रहा है कि छात्रा ने बुधवार को अपने घर में फांसी लगा ली थी. गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया.
इस मामले को लेकर अंबेडकर नगर के एसपी अजित कुमार सिन्हा ने बताया कि उन्हें 16 सितंबर को छात्रा के परिवार से तहरीर मिली थी, जिसके आधार पर आईपीसी की धारा 363 (अपहरण) के तहत मामला दर्ज किया गया था. जब छात्रा घर लौटी, तब उसका मेडिकल करवाया गया और बयान दर्ज किया गया. उसने बयान में दो अज्ञात लोगों द्वारा बलात्कार की बात कही थी. इसके बाद एफआईआर में सामूहिक बलात्कार और पॉक्सो की धाराओं को जोड़ा गया है.

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