नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों में कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। खासतौर पर बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए कम दबाव के क्षेत्र के कारण ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में बारिश का दौर तेज हो सकता है।
वहीं, मध्य भारत में भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और विदर्भ के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में 15 अगस्त के आसपास देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ सकता है।
बंगाल की खाड़ी में फिर बन रहा सिस्टम
IMD के मुताबिक उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से 12 से 13 अगस्त के आसपास कम दबाव का नया क्षेत्र विकसित होने की संभावना है।
इस सिस्टम के प्रभाव से पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ओडिशा में 12 से 15 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
इसके अलावा झारखंड और बिहार में भी आने वाले दिनों में भारी बारिश हो सकती है।
मध्य भारत में भी तेज बारिश के आसार
उत्तर-मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में बने कम दबाव के क्षेत्र का असर मध्य भारत के मौसम पर भी दिखाई दे रहा है।
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक:
- पश्चिमी मध्य प्रदेश में 10 से 12 अगस्त तक भारी बारिश हो सकती है।
- पूर्वी मध्य प्रदेश में 10 से 16 अगस्त के दौरान बारिश का दौर जारी रह सकता है।
- छत्तीसगढ़ में 10 अगस्त और फिर 13 से 16 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना है।
- विदर्भ में 13 और 14 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।
- पूर्वी राजस्थान में 10 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश और 11 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है।
- पश्चिमी राजस्थान में 11 और 12 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।
बारिश के साथ कुछ इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की स्थिति भी बन सकती है।
हिमाचल में अचानक बाढ़ का खतरा
पहाड़ी राज्यों में भी मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है। हिमाचल प्रदेश में 10 और 11 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।
इसके बाद 12 से 15 अगस्त के बीच भी कई जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।
शिमला और सिरमौर जिलों के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों तथा आसपास के इलाकों में अचानक बाढ़ का कम से मध्यम खतरा भी जताया गया है।
लगातार बारिश के कारण पहले से संतृप्त मिट्टी वाले इलाकों में पानी तेजी से बह सकता है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी पैदा हो सकती है।
दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली-NCR और आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
10 और 11 अगस्त को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। 11 अगस्त को कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है।
12 अगस्त को भारी बारिश का कोई विशेष अलर्ट नहीं है, लेकिन मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की उम्मीद भी नहीं है। इसके बाद 13 अगस्त को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली सहित आसपास के क्षेत्रों में फिर भारी बारिश हो सकती है।
IMD के सात दिवसीय पूर्वानुमान के मुताबिक दिल्ली-हरियाणा क्षेत्र में 14 से 16 अगस्त के बीच भी कुछ स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है।
पंजाब और पहाड़ी राज्यों में भी बारिश
पंजाब में 10, 11, 13 और 14 अगस्त को कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। 12, 15 और 16 अगस्त को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 10 से 13 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी 10 से 15 अगस्त के बीच कई इलाकों में व्यापक से बहुत व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है।
ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
बिहार-झारखंड में भी बढ़ेगी बारिश
बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए सिस्टम का असर बिहार और झारखंड पर भी पड़ सकता है।
IMD के अनुसार:
- झारखंड: 12 से 16 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना।
- बिहार: 13 से 16 अगस्त के बीच भारी बारिश के आसार।
- ओडिशा: 12 से 15 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना।
- पश्चिम बंगाल: सिस्टम के प्रभाव से बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
15 अगस्त के आसपास पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश का असर देखने को मिल सकता है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी अलर्ट
पूर्वोत्तर भारत में भी मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 10 से 16 अगस्त के बीच भारी बारिश हो सकती है।
वहीं अरुणाचल प्रदेश तथा असम और मेघालय में 15 और 16 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
एक साथ कई मौसम प्रणालियां सक्रिय
इस समय देश में एक साथ कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। उत्तर-मध्य प्रदेश के आसपास कम दबाव का क्षेत्र मौजूद है, जबकि मानसून की द्रोणिका भी सक्रिय बनी हुई है।
इसके अलावा मध्य क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में चक्रवाती परिसंचरण भी मौजूद है।
इन्हीं मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है।
15 अगस्त को कैसा रहेगा मौसम?
स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त के आसपास देश के कई हिस्सों में बारिश की संभावना बनी रहेगी। खासकर ओडिशा, झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
हालांकि किसी शहर के लिए स्थानीय स्तर पर मौसम की स्थिति अलग हो सकती है। इसलिए यात्रा, कार्यक्रम या खुले में आयोजन की योजना बनाने वालों को अपने क्षेत्र का ताजा स्थानीय पूर्वानुमान जरूर देखना चाहिए।
फिलहाल मौसम विभाग के पूर्वानुमान से साफ है कि मानसून की सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रहने वाली है और बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया कम दबाव का क्षेत्र 15 अगस्त के आसपास बारिश को और बढ़ा सकता है।

More Stories
महतारी वंदन योजना में बड़ा बदलाव! 40+ अविवाहित महिलाओं को भी मिलेगा ₹1000 महीना, मंत्री ने दिया बड़ा अपडेट
स्कूल के पास गैस सिलेंडरों का कथित अवैध भंडारण! जलती भट्टियों और नशेड़ियों के जमावड़े से बढ़ा खतरा
छत्तीसगढ़ में मेडिकल स्टोरों पर बड़ी कार्रवाई, बिना लाइसेंस दवा रखने वालों पर शिकंजा; कई दुकानों में मिली अनियमितता