रायपुर। राजधानी रायपुर के बैरन बाजार इलाके में होली क्रॉस स्कूल के पास मैदान में कथित तौर पर बड़ी संख्या में एलपीजी सिलेंडरों के भंडारण का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आबादी के बीच संचालित यह अघोषित गैस गोदाम सुरक्षा के लिहाज से गंभीर खतरा पैदा कर रहा है।
स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, मैदान में रखे जा रहे सिलेंडरों के आसपास बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं। खास चिंता की बात यह है कि मैदान के पास ही स्कूल, होटल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होती हैं।
स्कूल के पास सिलेंडरों का भंडारण, बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
जिस स्थान पर गैस सिलेंडर रखे जाने की बात सामने आई है, उसके कुछ ही दूरी पर होली क्रॉस स्कूल स्थित है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे और कर्मचारी पहुंचते हैं।
ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गैस सिलेंडरों का भंडारण निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है, तो किसी दुर्घटना की स्थिति में आसपास के लोगों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
खासकर स्कूल के समय इलाके में बच्चों और अभिभावकों की आवाजाही अधिक रहती है। इसी वजह से नागरिक प्रशासन से मामले की तत्काल जांच की मांग कर रहे हैं।
पास में होटल, जलती रहती हैं भट्टियां
स्थानीय लोगों ने मैदान के आसपास संचालित होटलों को लेकर भी चिंता जताई है। उनके अनुसार, आसपास कई जगहों पर खाना बनाने के लिए भट्टियों का इस्तेमाल होता है।
एलपीजी सिलेंडरों के पास किसी भी तरह का अनियंत्रित आग का स्रोत सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय हो सकता है। हालांकि, मौके पर रखे सिलेंडरों की वास्तविक संख्या, उनकी स्थिति और भंडारण की वैधता की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सिलेंडरों के आसपास नशा करने का आरोप
स्थानीय निवासियों का एक और गंभीर आरोप है कि सिलेंडरों के आसपास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है। नागरिकों का दावा है कि कुछ लोग वहां गांजा और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं।
लोगों का कहना है कि यदि यह आरोप सही है तो गैस सिलेंडरों के पास धूम्रपान या आग का इस्तेमाल अतिरिक्त जोखिम पैदा कर सकता है।
हालांकि, नशीले पदार्थों के सेवन और सिलेंडरों के आसपास ऐसी गतिविधियों के आरोपों की भी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। पुलिस या संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
प्रशासन की निगरानी पर उठे सवाल
मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
नागरिकों का कहना है कि यदि किसी आबादी वाले इलाके में बड़ी संख्या में एलपीजी सिलेंडर रखे जा रहे हैं, तो संबंधित विभाग को यह जांच करनी चाहिए कि:
- गैस सिलेंडरों के भंडारण की अनुमति है या नहीं।
- संबंधित परिसर के पास आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है या नहीं।
- सिलेंडरों का स्टॉक अधिकृत है या नहीं।
- अग्निशमन सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए गए हैं या नहीं।
- गैस एजेंसी या वितरक के पास आवश्यक वैध दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं।
- स्कूल और आसपास की आबादी की सुरक्षा के लिए निर्धारित मानकों का पालन हो रहा है या नहीं।
नागरिकों ने की तत्काल जांच की मांग
स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से मामले की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि किसी भी संभावित दुर्घटना से पहले सुरक्षा व्यवस्था की जांच करना जरूरी है।
नागरिकों की मांग है कि मौके पर रखे सिलेंडरों की संख्या, उनके भंडारण की अनुमति और सुरक्षा मानकों का निरीक्षण किया जाए। यदि नियमों का उल्लंघन मिलता है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल यह मामला स्थानीय लोगों की शिकायत और आरोपों पर आधारित है। गैस सिलेंडरों का भंडारण अधिकृत है या नहीं और वहां सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हो रहा है या नहीं, इसकी पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी।
यदि जांच में अनियमित भंडारण की पुष्टि होती है, तो प्रशासन के लिए यह जरूरी होगा कि स्कूल और घनी आबादी वाले क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए तत्काल सुरक्षा कदम उठाए जाएं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी संभावित हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय समय रहते सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। खासकर स्कूल के पास होने के कारण इस मामले में प्रशासन की सक्रियता बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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