10 वर्ष पूर्व किसान की मृत्यु हो चुकी बावजूद बीमा योजना का लाभ भोजराज साहू के खाते में जा रहा है
सरायपाली //दि बीबीसी लाइव :
एक ओर जहां शासन किसानों के हित की बात कर फसल बीमा योजना लागू कर किसानों को समृद्ध बनाना चाहती है वहीं दूसरी ओर ऐसे ऐसे जालसाज भी हैं जो मृत व्यक्तियों के नाम पर धोखाधड़ी कर इस योजना का लाभ स्वयं उठा रहे हैं।
शिकायत के बावजूद जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही है।
शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से लेकर उप संचालक कृषि विभाग को संज्ञान में लेने पत्र व्यवहार किया बावजूद इसके कार्यवाही शून्य रही।
आपको बता दें कि मृत किसान के नाम से फसल बीमा का राशि आहरण किया गया है। जिस पर सिंघोड़ा थाना प्रभारी को पूर्व प्रकरण में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सराईपाली के निर्देश उपरांत भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई, जो कि जो धोखाधड़ी कृत्य को दर्शाता है।
मिली जानकारी अनुसार वर्ष 2022 जुलाई में फसल बीमा संदर्भित चारों किसानों के नाम का भूमि का फर्जी तरीके से फसल बीमा कर लाभ अर्जित किया गया है जो कि एक गंभीर अपराध है। यह अपराध प्राथमिक कृषि शाखा सहकारी समिति पुटका के प्रभारी “भोजराज साहू, पिता महेंद्र साहू” के द्वारा किया गया है जो ग्राम पैकिंग का निवासी है।।
इसके द्वारा पूर्व में भी अनेक गंभीर अपराध किया गया था शिकायत मैं सस्पेंड भी हो चुका था बावजूद ईसके , प्रभारी नियुक्त किया गया है। जिस पर यह आज बेखौफ होकर फर्जी धान व फर्जी बीमा जैसे कई अन्य धोखाधड़ी के कृत्य करता आ रहा है।
आपको बता देन की वर्तमान में जिन किसानों के नाम पर शासकीय योजना में फर्जी बीमा राशि आहरण किया गया उसका विवरण इस प्रकार है –
1) धनेश्वर यादव खसरा नंबर 96 कुल रकबा 1.24 हेक्टेयर है जिस पर भी फसल बीमा की राशि 13868 रुपए भोजराज साहू के द्वारा अपने खाते में लिया गया जबकि उक्त कृषक की मृत्यु भी लगभग 10 वर्ष पूर्व हो चुकी है।
2) रमेश मुखी पिता चौकी लाल खसरा नंबर 660, 104 कुल रकबा 1.34 हेक्टेयर है जिस पर फसल बीमा राशि 15838 रुपए भोजराज साहू के द्वारा अपने खाते में लिया गया।
3) कृषक सच्ची पिता वसु जिसका खसरा नंबर 68 रकबा 1.26 है उक्त भूमि पर फसल बीमा का ₹19730 भोज राम साहू के द्वारा अपने खाते में लिया गया जबकि उक्त कृषक की मृत्यु लगभग 10 वर्ष पूर्व हो चुकी है।
भोजराज साहू के द्वारा इसके पूर्व भी अनेक फर्जीवाड़ा किया गया है इसके विरुद्ध शिकायत की जांच स्थानीय तहसीलदार सरायपाली तथा थाना सिंघोड़ा के द्वारा कार्यवाही नहीं किए जाने के कारण भोजराज इस फर्जी फसल बीमा के मामले सामने आ रहे हैं। ज्ञात हो कि दिनांक 10 /2023 को भोजराज साहू के द्वारा फर्जी इकरारनामा कर धान विक्रय की शिकायत पंजीकृत डाक के माध्यम से अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सरायपाली को किया गया था जिसकी जांच कर तत्काल तत्कालीन तहसीलदार युवराज कुर्रे को आदेशित किया गया था परंतु इनके द्वारा भी ना कोई जांच की गई ना ही कोई कार्यवाही हुई।
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री को 7/12/ 2022 को जन चौपाल में आवेदन दिया था। जन चौपाल में प्रेषित आवेदन का निराकरण नहीं करना तथा मामले को लंबित रखा गया। यह भी जांच का विषय है तथा ऐसी प्रतीत हो रहा है की जैसा माननीय मुख्यमंत्री के पत्र का मजाक उड़ाया जा रहा है।
शिकायतकर्ता ने भोजराज साहू के द्वारा किए जा रहे अपराध की निष्पक्ष जांच उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने तथा फर्जी धान विक्रय के पूर्ण प्रकरण जिसमें जांच पूर्ण होकर कथन दर्ज किया जा चुका है। उक्त मामले में थाना प्रभारी सिंघोड़ा को
निर्देशित करने वह तत्काल प्राप्त प्राथमिकी दर्ज करने मांग की गई है।।

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