June 10, 2026

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ट्रेनमैन को खरीदने के बाद क्या IRCTC को चुनौती दे पाएगा अदाणी समूह…

नई दिल्ली. अदाणी एंटरप्राइजेज की यूनिट अदाणी डिजिटल लैब्स अब रेलवे टिकट बिक्री के धंधे में उतरने जा रही है। उसने IRCTC से अधिकृत टिकट बुकिंग प्लैटफॉर्म ट्रेनमैन को खरीदने के लिए उसकी मालिकाना कंपनी स्टार्क एंटरप्राइजेज के साथ डील कर ली है, जिसके तहत अदाणी डिजिटल ट्रेनमैन का पूरी तरह से अधिग्रहण करेगी। इसी के साथ ही केंद्र सरकार पर आरोप लगने लगा है कि वह आईआरसीटीसी को अदाणी को सौंपने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा  कि पहले आईआरसीटीसी से टक्कर और उसके बाद टेकओवर। क्या सच में ऐसा संभव है? आइए, इसकी पड़ताल करते हैं।

टिकट बिक्री में बना रहेगा IRCTC का एकाधिकार

किसी से छिपा नहीं है कि ट्रेन के ऑनलाइन टिकट की बिक्री के मामले में आईआरसीटीसी का एकाधिकार है। करीब साढ़े चौदह लाख ट्रेन टिकट  रोजाना  बुक होते हैं, जिसमें से 81% टिकट लोग आईआरसीटीसी की वेबसाइट या ऐप के जरिए लेते हैं। यह जानकारी खुद आईआरसीटीसी ने दी है। अब सवाल उठता है कि बाकी 19% टिकट जो आईआरसीटीसी के जरिए नहीं बिकते, वे कहां से बिकते हैं। इसका जवाब है कि आईआरसीटीसी के पास पेटीएम, मेक माई ट्रिप और ट्रेनमैन जैसे 32 पार्टनर्स हैं और बाकी टिकट इन पार्टनर्स के जरिए ही बिकते हैं। कोई ये भी सोच सकता है कि इन पार्टनर्स को आखिर आईआरसीटीसी टिकट क्यों बेचने देती है? जवाब है कि इससे कमिशन के रूप में आईआरसीटीसी को मोटा पैसा मिलता है। दरअसल, कोई भी टिकट आईआरसीटीसी के जरिए खरीदे या उसके पार्टनर के जरिए पैसा IRCTC को मिलता है। वित्त वर्ष 2022 में IRCTC को पेटीएम पर ट्रेन टिकट की बुकिंग से 70 करोड़ रुपये मिले। पेटीएम पर कटने वाले हर टिकट से IRCTC को 12 रुपये मिलते हैं।

डील पर क्या कहा ट्रेनमैन ने?

इसे तकनीकी तौर पर भी समझते हैं कि ये सिस्टम कैसे काम करता है। किसी भी साइट या ऐप से भारतीय ट्रेन का टिकट तब तक नहीं खरीद जा सकता, जब तक उसके पास आईआरसीटीसी की एपीआई यानी ऐप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस न हो। ट्रेनमैन ने हमारे ग्रुप की ही एक और साइट लाइव मिंट को बताया,”अदाणी के साथ डील से IRCTC की ऑनलाइन टिकट बुकिंग बिजनेस पर कोई असर नहीं पड़ेगा।  जिसके पास भी पैसा हो वो IRCTC की एपीआई ले सकता है। दूसरे पार्टनर्स की तरह ट्रेनमैन को भी केवल IRCTC की API का ऐक्सेस है, जिसके जरिए आईआरसीटीसी के प्लैटफॉर्म पर टिकट बुक की जा सकती है। इसलिए ट्रेनमैन को अदाणी समूह के खरीदने से टिकट बिक्री में IRCTC के एकाधिकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा।”

जयराम रमेश को IRCTC का जवाब

अब बात करते हैं जयराम रमेश के ट्वीट की, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक दिन अदाणी समूह IRCTC का टेकओवर कर लेगा। इसके जवाब में IRCTC की तरफ से कहा गया कि इससे कुछ नहीं बदलेगा यानी सबकुछ पहले की तरह ही रहेगा। IRCTC आगे कहती है,”यह भ्रामक कथन है। ट्रेनमैन IRCTC के 32 अधिकृत बी2सी (बिजनेस टू कस्टमर) भागीदारों में से एक है। हिस्सेदारी बदलने से इसमें कोई अंतर नहीं आएगा। सभी एकीकरण और संचालन IRCTC के माध्यम से किए जाते रहेंगे। यह केवल IRCTC का पूरक होगा और IRCTC के लिए कोई खतरा या चुनौती नहीं है।”

स्टार्टअप के रूप में हुई थी शुरुआत

ट्रेनमैन IRCTC की ऑनलाइन टिकट बुकिंग के अलावा ट्रेन की सीटों, लाइव ट्रेन स्टेटस और पैसेंजर्स की रीयल-टाइम जानकारी भी देता है। इसकी शुरुआत वर्ष 2011 IIT रुड़की के दो छात्रों विनीत चिरानिया और करण कुमार ने की थी। उन्होंने एक स्टार्टअप के जरिए इसे शुरू किया और बाद में IRCTC के साथ टिकट बुकिंग का काम भी करने लगा।