April 27, 2026

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विश्व पर्यटन दिवस पर मुख्यमंत्री ने की घोषणा, कहा – इससे यहां टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा

रायपुर.मुख्यमंत्री ने बच्चों को छत्तीसगढ़ के पर्यटन से जोड़ने के लिए टाकिंग कामिक्स का अनावरण किया। इसे डायमंड बुक्स ने बनाया है।

छत्तीसगढ़ सरकार राजीव गांधी युवा मितान क्लब के सदस्यों को पर्यटन से जुड़ा प्रशिक्षण देगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। वे विश्व पर्यटन दिवस पर रायपुर के एक होटल में आयोजित टूरिज्म कान्क्लेव को संबाेधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा, छत्तीसगढ़ के युवा जब पर्यटन के प्रति जागरूक होंगे तो प्रदेश के पर्यटन को और ज्यादा बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, एक समय था जब छत्तीसगढ़ का नाम लेते ही लोगों के जेहन में सिर्फ खनिज संसाधन और नक्सलियों का ख्याल आता था। लंबे समय तक छत्तीसगढ़ का पर्यटन उपेक्षित रहा और नया राज्य बनने के बाद भी पूरा ध्यान सिर्फ नक्सल समस्या पर ही था। छत्तीसगढ़ में इतना सब कुछ है कि सिर्फ प्रकृति से मिले उपहारों को ही हम व्यवस्थित कर लें तो यह स्थान पर्यटकों की पहली पसंद बन जाएगा। हमारी सरकार इसी बात पर निरंतर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, छत्तीसगढ़ एक ऐसा प्रदेश है जिसकी गैर मौजूदगी में रामायण जैसी पौराणिक कथा भी अधूरी रह जाएगी।

भगवान श्री राम ने अपने वनवास का अधिकतर समय छत्तीसगढ़ में ही गुजारा और यहीं पर उनकी मां कौशल्या निवास करती थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया में छत्तीसगढ़ ही एक मात्र ऐसा राज्य है जहां देवताओं को भी सजा देने का प्रावधान है। लिहाजा छत्तीसगढ़ के बारे में पूरी दुनिया को बताने की जरूरत है ताकि लोग यहां की सभ्यता और संस्कृति को जानें। इस मौके पर संसदीय सचिव चिंतामणि महाराज, पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी, खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरिश देवांगन, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष चित्रलेखा साहू, पर्यटन विभाग के सचिव अनबलगन पी. और पर्यटन मंडल के एमडी अनिल साहू आदि मौजूद रहे।

प्रदेश की सबसे ऊंची पहाड़ी पर पहुचेगी सुविधा

पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि कोरोना संकट होने के बाद भी छत्तीसगढ़ में ट्राइबल टूरिज्म सर्किट तैयार किया गया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राम वन गमन परिपथ पर भी काम शुरू हुआ। अब उन्होंने संसदीय सचिव चिंतामणि महाराज से मिले सुझाव को स्वीकार किया है। इसमें प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी गौरलाटा को भी पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जाएगा।