नई दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को मुख्यधारा के समाचार चैनलों पर बहस करने के तरीके पर नाराजगी व्यक्त की, जो अक्सर नफरत फैलाने वाले भाषणों को जगह देते हैं। साथ ही केंद्र सरकार से पूछा कि इन नफरत भरे भाषणों के मामले में मूक दर्शक क्यों बनी हुई है।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने पूछा कि केंद्र सरकार अभद्र भाषा के मुद्दे पर मूकदर्शक क्यों बनी हुई है।

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