फसल के साथ साथ ट्यूबवेल मशीन को तोड़ फोड़ कर किया क्षतिग्रस्त
धरमजयगढ/दि बीबीसी लाइव/आलम। खान :
वन मंडल धरमजयगढ़ क्षेत्र में हाथियों से फसल नुकसानी हो या फिर मानव संसाधन की क्षति हाथी से फिलहाल क्षेत्र के किसान खासा परेशान हैं, वहीं अगर विभाग के जिम्मेदार कर्मचारी व अधिकारी की करें तो कहीं न कहीँ कार्य के प्रति उनकी घोर निष्क्रियता सामने आ रही है।
इसी कड़ी में बता दें,बिती रात धरमजयगढ रेंज अंतर्गत ओंगना गांव में फिर हाथियों की मौजूदगी का अहसास ग्रामीणों को भय के रूप में हुआ है। ओंगना गांव के किसान की जुबानी नारद व रामसिंह के खेत मे लगे फसल को हाथी खाकर व पैरों तले रौंदकर नुकसान पहुँचाएँ हैं साथ ही बताया जा रहा है ओंगना गांव निवासी किसान रामसिंह के खेत मे सिंचाई के लिए लगाए गए ट्यूबवेल मशीन को हाथी तोड़ मरोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिए हैं। जिससे किसान को खासा नुकसान पहुंचा है हालांकि विभाग की ओर से मौका मुआयना कर नुकसानी का आकलन करते हुए प्रकरण बनाया जा रहा है।
लेकिन वहीं इस मसले पर किसानों का कहना है शासन से मिलने वाली राहत राशि ऊंट के मुंह मे जीरा के समान है ।नुकसानी के मुकाबिल बहुत कम सहायता राशि स्वीकृत किया जाता है, इस वजह से ग्रामीण किसान फंसे हुए हैं।हाथी से उन्हें संसाधन से लेकर जानमाल की चिंता हमेशा सताती रहती है वहीं वन प्रशासन हाथी जैसी विकट समस्या का स्थाई समाधान कर पाने में कहीं न कहीं फेल होती नजर आ रही है। बहरहाल केवल धरमजयगढ रेंज की बात करें तो मौजूदा समय मे एक जानकारी के अनुसार अलग अलग जगहों पर कुल 19 हाथी विचरण कर रहें हैं साथ ही एक रात में फसल नुकसानी की बात करें,तो करीब 12 प्रकरण दर्ज किए गए है इन हालातों में साफ तौर पर कहा जा सकता है हाथी प्रभावित इलाके के ग्रामीण हाथी को लेकर बेहद चिंतित व परेशान है।और दूसरी तरफ वन विभाग के सारे कवायद धरातल पर सिफर नजर आ रहे हैं।

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