July 30, 2026

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बिलासपुर सेंट्रल जेल में खौफनाक घटना: आजीवन सजा काट रहे कैदी ने जलती भट्ठी में कूदकर दी जान, सुरक्षा पर उठे सवाल

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की हाई सिक्योरिटी मानी जाने वाली बिलासपुर सेंट्रल जेल में बुधवार को एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने जेल प्रशासन को सकते में डाल दिया। डबल मर्डर केस में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक कैदी ने जेल परिसर में बने गैसीफायर प्लांट की जलती हुई भट्ठी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।

घटना के बाद जेल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जेल प्रशासन ने तुरंत आपात स्थिति घोषित करते हुए सायरन बजाया और पुलिस तथा वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की सूचना दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी।

डबल मर्डर मामले में सजा काट रहा था कैदी

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक कैदी की पहचान बृजेश उर्फ राहुल के रूप में हुई है। वह डबल मर्डर के मामले में दोषी ठहराया गया था और बिलासपुर सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था।

बताया जा रहा है कि घटना के समय जेल परिसर में स्थित गैसीफायर प्लांट चालू था। इसी दौरान कैदी अचानक वहां पहुंचा और देखते ही देखते जलती हुई भट्ठी में छलांग लगा दी।

  • जेल कर्मचारियों ने उसे बचाने की कोशिश की।
  • आग की तीव्रता अधिक होने के कारण उसे बाहर नहीं निकाला जा सका।
  • मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

इस घटना ने जेल के अंदर कैदियों की निगरानी व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

कलेक्टर और एसएसपी ने लिया घटनास्थल का जायजा

घटना की जानकारी मिलते ही बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह सेंट्रल जेल पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जेल प्रशासन से पूरे मामले की जानकारी ली।

मामले की जांच के लिए:

  • पुलिस टीम को तैनात किया गया है।
  • एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं।
  • सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
  • जेल कर्मचारियों और अन्य कैदियों से पूछताछ की जा रही है।

जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि कैदी आखिर इतनी सुरक्षित जगह तक कैसे पहुंचा और घटना से पहले उसकी गतिविधियां क्या थीं।

गैसीफायर प्लांट तक पहुंचने पर उठे सवाल

बिलासपुर सेंट्रल जेल में स्थापित गैसीफायर प्लांट में लकड़ियों को जलाकर गैस तैयार की जाती है। इस गैस का उपयोग जेल की रसोई में भोजन बनाने के लिए किया जाता है।

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि एक सजायाफ्ता कैदी हाई सिक्योरिटी क्षेत्र तक कैसे पहुंच गया।

जांच एजेंसियां इन बिंदुओं पर ध्यान दे रही हैं:

  • घटना के समय कौन-कौन कर्मचारी ड्यूटी पर थे?
  • कैदी को प्लांट तक जाने से क्यों नहीं रोका गया?
  • क्या सुरक्षा व्यवस्था में किसी स्तर पर लापरवाही हुई?
  • क्या कैदी पहले से मानसिक तनाव में था?

सीसीटीवी और फॉरेंसिक जांच से खुलेगा राज

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने के लिए तकनीकी जांच की जा रही है। जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि कैदी की गतिविधियों और उसके प्लांट तक पहुंचने के रास्ते की जानकारी मिल सके।

इसके अलावा फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई

प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस इस घटना को आत्महत्या के एंगल से जांच रही है, लेकिन सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।

हाई सिक्योरिटी जेल की व्यवस्था पर उठे सवाल

बिलासपुर सेंट्रल जेल में हुई इस घटना ने जेलों में कैदियों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाई सिक्योरिटी जेल में ऐसी घटना होना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कैदी ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया और क्या इस मामले में किसी तरह की सुरक्षा चूक हुई थी।