September 4, 2026

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जन्माष्टमी पर छत्तीसगढ़ में बड़ा फैसला: 4 सितंबर को शराब और मांस की बिक्री पूरी तरह बंद

रायपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर छत्तीसगढ़ में 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को शराब और मांस की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। राज्य शासन ने इस दिन पूरे प्रदेश में शुष्क दिवस घोषित किया है। इसके साथ ही नगरीय निकायों की सीमा में आने वाले पशुवध गृह और मांस बिक्री की दुकानों को भी बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।

शासन के इस फैसले के बाद जन्माष्टमी के दिन प्रदेशभर में शराब की दुकानें, होटल बार, रेस्टोरेंट बार, क्लब और अहाते बंद रहेंगे। वहीं, नगरीय क्षेत्रों में मांस की दुकानों और पशुवध गृहों को भी संचालन की अनुमति नहीं होगी।

4 सितंबर को रहेगा शुष्क दिवस

वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार 4 सितंबर को प्रदेश की सभी देशी और विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानें बंद रहेंगी। इसके अलावा शराब बेचने या परोसने वाले सभी लाइसेंसी प्रतिष्ठानों पर भी प्रतिबंध लागू रहेगा।

इन प्रतिष्ठानों में शामिल हैं—

  • देशी और विदेशी शराब की फुटकर दुकानें।
  • रेस्टोरेंट बार और होटल बार।
  • क्लब तथा अहाते।
  • गैरमालिकाना क्लब।
  • स्टार होटल और अन्य लाइसेंसी परिसर।
  • शराब बेचने या परोसने वाले अन्य प्रतिष्ठान।
  • भांग और भांगघोटा की फुटकर दुकानें।

शुष्क दिवस के दौरान किसी भी होटल, रेस्टोरेंट, क्लब या अन्य प्रतिष्ठान में शराब बेचने अथवा परोसने की अनुमति नहीं होगी। निजी तौर पर शराब के भंडारण और गैर-लाइसेंसी परिसरों में मदिरा रखने पर भी रोक रहेगी।

नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई

आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि शुष्क दिवस के दौरान शराब की बिक्री, परिवहन या भंडारण करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर मदिरा जब्त करने के साथ कानूनी प्रकरण भी दर्ज किया जा सकता है।

विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि जन्माष्टमी के दौरान अवैध शराब की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए। इसके लिए जिला कार्यालयों के अलावा संभागीय और राज्य स्तरीय उड़नदस्ते भी सक्रिय रहेंगे।

अवैध शराब के खिलाफ चलेगा अभियान

अवैध शराब की बिक्री और परिवहन पर रोक लगाने के लिए जांच दल गठित किए जाएंगे। ये दल संदिग्ध वाहनों, अवैध भंडारण स्थलों और शराब की तस्करी से जुड़े संभावित ठिकानों की जांच करेंगे।

आबकारी विभाग की निगरानी इन गतिविधियों पर रहेगी—

  • अवैध शराब का परिवहन।
  • बिना लाइसेंस शराब की बिक्री।
  • गैरकानूनी तरीके से शराब का भंडारण।
  • शुष्क दिवस के दौरान शराब परोसना।
  • संदिग्ध वाहनों और गोदामों की जांच।

मांस की दुकानें और पशुवध गृह भी रहेंगे बंद

शराब के साथ-साथ नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने भी जन्माष्टमी के अवसर पर पशुवध गृह और मांस बिक्री की दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश नगर पालिक निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों की सीमा में लागू होगा।

विभाग ने सभी कलेक्टरों, नगर निगम आयुक्तों और नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 4 सितंबर को संबंधित क्षेत्रों में पशुवध गृह और मांस बिक्री की दुकानों का संचालन बंद रखा जाए।

इस आदेश के तहत नगरीय क्षेत्रों में मांस की बिक्री और पशुवध से जुड़ी गतिविधियों पर रोक रहेगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शासन के आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए।

जन्माष्टमी पर लागू रहेंगे विशेष प्रतिबंध

शासन ने अपने पूर्व में जारी निर्देशों और संबंधित पत्रों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी विशिष्ट अवसरों में शामिल है। इसी के तहत 4 सितंबर को शुष्क दिवस और नो नॉन-वेज डे के निर्देश लागू किए गए हैं।

इस दौरान आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे शासन के आदेशों का पालन करें। किसी भी प्रकार की अवैध शराब बिक्री, शराब परोसने या प्रतिबंधित मांस बिक्री की जानकारी मिलने पर संबंधित विभाग को सूचना दी जा सकती है।

इस तरह जन्माष्टमी के दिन छत्तीसगढ़ में शराब और मांस की बिक्री पर दोहरा प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आदेश का पालन कराने और उल्लंघन की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।