गरियाबंद। जिले के मैनपुर विकासखंड से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। ग्राम कमारपारा स्थित प्राथमिक स्कूल में पदस्थ एक सहायक शिक्षक का कथित रूप से कक्षा के अंदर महुआ शराब पीते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मैनपुर के खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) ने सहायक शिक्षक सतीश कुमार को शो कॉज नोटिस जारी किया है। विभाग ने शिक्षक से वायरल वीडियो के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। अब शिक्षक के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
कक्षा के अंदर शराब पीने का आरोप
पूरा मामला मैनपुर क्षेत्र के भाटापानी के आश्रित ग्राम कमारपारा प्राथमिक स्कूल का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में स्कूल के एक कमरे के अंदर सहायक शिक्षक सतीश कुमार दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में शराब की बोतल भी नजर आ रही है।
वीडियो के आधार पर शिक्षक पर स्कूल परिसर में शराब पीने का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षक से जवाब मांगा है।
BEO ने जारी किया शो कॉज नोटिस
वीडियो वायरल होने के बाद मैनपुर के खंड शिक्षा अधिकारी ने सहायक शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस के माध्यम से शिक्षक से पूछा गया है कि स्कूल जैसे शैक्षणिक संस्थान में इस तरह की गतिविधि सामने आने पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।
शिक्षक को निर्धारित समय में अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
मैनपुर विकासखंड में स्कूल परिसर में शराबखोरी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले करीब दो माह पूर्व भी इसी ब्लॉक के एक स्कूल में शराब पार्टी का वीडियो सामने आया था।
उस मामले में स्कूल के कमरे में शराब पीने का वीडियो वायरल होने के बाद संबंधित शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया था। अब एक बार फिर स्कूल के अंदर शराब पीने का वीडियो सामने आने से शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
मॉनिटरिंग व्यवस्था पर उठे सवाल
ग्रामीण और अंदरूनी इलाकों के स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, अनुशासन और शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी की जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों की होती है। ऐसे में स्कूल परिसर के अंदर इस तरह की घटना सामने आने से मॉनिटरिंग सिस्टम पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल बच्चों की शिक्षा और संस्कार का केंद्र होता है। यदि शिक्षक ही स्कूल के अंदर अनुशासनहीन गतिविधियों में शामिल पाए जाते हैं, तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों और अभिभावकों के भरोसे पर पड़ता है।
विभागीय कार्रवाई पर टिकी नजर
शो कॉज नोटिस जारी होने के बाद अब सबकी नजर शिक्षक के जवाब और शिक्षा विभाग की अगली कार्रवाई पर है। विभागीय जांच में वीडियो की सत्यता, घटना की परिस्थितियों और शिक्षक की भूमिका की जांच की जा सकती है।
इस मामले में संभावित कार्रवाई के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
- वायरल वीडियो की जांच की जाएगी।
- शिक्षक से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।
- आरोप सही पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।
- स्कूलों की निगरानी व्यवस्था को और सख्त करने की जरूरत सामने आई है।
- ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विभागीय स्तर पर निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
स्कूल परिसर में शराबखोरी का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्रवाई से यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासनहीनता और नशे से जुड़ी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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