September 4, 2026

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धमतरी में बारिश का कहर! गंगरेल बांध के 3 गेट खुले, महानदी किनारे गांवों में हाई अलर्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच नदियों और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंगरेल बांध में पानी की भारी आवक को देखते हुए प्रशासन ने इसके 3 गेट खोल दिए हैं। बांध से कुल 4,670 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके बाद महानदी के तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

जिला प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। वहीं, मौसम विभाग की ओर से आगे भी बारिश की संभावना जताए जाने के बाद महानदी किनारे बसे गांवों में हाई अलर्ट जारी किया गया है।

गंगरेल बांध से छोड़ा जा रहा पानी

धमतरी जिले के प्रमुख जलाशयों में लगातार पानी की आवक हो रही है। गंगरेल बांध में बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए तीन गेट खोले गए हैं।

पानी छोड़ने की स्थिति:

  • कुल जलप्रवाह: 4,670 क्यूसेक
  • महानदी में सीधे: 3,360 क्यूसेक
  • रुद्री बैराज के रास्ते मुख्य नहर में: 1,410 क्यूसेक

प्रशासन के अनुसार, जलाशय में पानी का दबाव बढ़ने के कारण जलप्रवाह बढ़ाया गया है। इससे महानदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।

धमतरी के जलाशयों में कितना पानी?

लगातार बारिश के कारण जिले के कई प्रमुख जलाशय लगभग भर चुके हैं। जलाशयों में पानी की आवक बनी हुई है, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

जलाशयजलभरावपानी की आवक
मुरूमसिल्ली98.61%362 क्यूसेक
गंगरेल97.40%3,365 क्यूसेक
दुधावा86.86%437 क्यूसेक
सोंढूर69.25%167 क्यूसेक

इन आंकड़ों से साफ है कि जिले के जलाशयों में पानी का स्तर काफी ऊंचा है। ऐसे में लगातार बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।

महानदी किनारे गांवों में हाई अलर्ट

बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कलेक्टर ने महानदी के तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने अधिकारियों और मैदानी अमले को 24 घंटे निगरानी रखने के लिए कहा है।

तटीय गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सावधान किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर बनाए गए राहत केंद्रों में पहुंचाने की तैयारी भी की जा रही है।

प्रशासन की लोगों से अपील

प्रशासन ने ग्रामीणों और आम नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। खासकर नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने को कहा गया है।

लोगों से की गई अपील:

  • उफनती नदियों और नालों के पास न जाएं।
  • जलभराव वाले रास्तों से गुजरने का जोखिम न उठाएं।
  • नदी पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें।
  • प्रशासन की चेतावनियों और निर्देशों का पालन करें।
  • अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल अधिकृत सूचनाओं पर भरोसा करें।

आगे भी बढ़ सकता है जलस्तर

मौसम विभाग ने आगे भी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में महानदी और आसपास के जलाशयों का जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा है। यदि पानी का स्तर और बढ़ता है, तो प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव की कार्रवाई की जा सकती है।

धमतरी बारिश के बीच लोगों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को तुरंत सूचना दें। जलाशयों की स्थिति और मौसम को देखते हुए आने वाले दिनों में प्रशासन की निगरानी और भी महत्वपूर्ण हो गई है।