September 4, 2026

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हाई प्रोटीन डाइट लेते ही क्यों बनने लगती है गैस? ये 6 वजहें जानकर नहीं छोड़ेंगे प्रोटीन

प्रोटीन शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। यह मांसपेशियों की ग्रोथ, शरीर की रिकवरी और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है। यही वजह है कि फिटनेस और वजन घटाने पर ध्यान देने वाले लोग अपनी डाइट में अंडे, दूध, पनीर, दाल, बीन्स, मेवे और प्रोटीन पाउडर जैसी चीजें शामिल करते हैं।

लेकिन कई लोगों को हाई प्रोटीन डाइट शुरू करने के बाद गैस, पेट फूलना, भारीपन या डकार जैसी समस्या होने लगती है। ऐसे में अक्सर लोग मान लेते हैं कि ज्यादा प्रोटीन ही गैस की वजह है। हालांकि, ऐसा हर बार नहीं होता।

कई बार प्रोटीन के साथ खाई जाने वाली दूसरी चीजें, डाइट में अचानक बदलाव या खाने का तरीका पेट में गैस की वजह बन सकता है।

  1. दूध और डेयरी से हो सकती है परेशानी

दूध, पनीर, दही और कुछ डेयरी आधारित प्रोटीन उत्पादों में लैक्टोज होता है। कुछ लोगों का शरीर लैक्टोज को ठीक से पचा नहीं पाता।

इसे लैक्टोज इंटॉलरेंस कहा जाता है। ऐसे लोगों को दूध या डेयरी उत्पाद लेने के बाद गैस, पेट फूलना, पेट दर्द या दस्त जैसी समस्या हो सकती है।

इसलिए अगर प्रोटीन बढ़ाने के बाद परेशानी शुरू हुई है, तो यह देखना जरूरी है कि समस्या खासतौर पर डेयरी उत्पाद लेने के बाद तो नहीं हो रही।

  1. प्रोटीन बार और पाउडर में मौजूद स्वीटनर

कुछ प्रोटीन पाउडर और प्रोटीन बार में स्वाद बेहतर करने या चीनी की मात्रा कम रखने के लिए शुगर अल्कोहल जैसे स्वीटनर इस्तेमाल किए जाते हैं।

इनमें सोर्बिटोल, मैनिटोल, माल्टिटोल, जाइलिटोल और एरिथ्रिटोल जैसे नाम मिल सकते हैं। कुछ लोगों में ये पूरी तरह आसानी से पच नहीं पाते और इससे गैस, पेट फूलना या दस्त की समस्या हो सकती है।

इसलिए प्रोटीन सप्लीमेंट खरीदते समय सिर्फ प्रोटीन की मात्रा देखना पर्याप्त नहीं है। उसके लेबल में मौजूद अन्य सामग्री पर भी ध्यान देना चाहिए।

  1. दाल, चना और बीन्स भी कारण हो सकते हैं

राजमा, छोले, चना, मटर और दालें प्रोटीन के साथ-साथ फाइबर के भी अच्छे स्रोत हैं। लेकिन इनमें कुछ ऐसे कार्बोहाइड्रेट होते हैं जिन्हें छोटी आंत पूरी तरह पचा नहीं पाती।

जब ये पदार्थ बड़ी आंत तक पहुंचते हैं, तो वहां मौजूद बैक्टीरिया उन्हें तोड़ते हैं। इस प्रक्रिया में गैस बन सकती है।

इसका मतलब यह नहीं है कि दाल या बीन्स खाना बंद कर दें। बेहतर तरीका है कि मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाई जाए और दालों व बीन्स को अच्छी तरह भिगोकर और पकाकर खाया जाए।

  1. प्रोटीन पाउडर में छिपे फाइबर पर दें ध्यान

कुछ प्रोटीन पाउडर में इन्यूलिन, चिकोरी रूट या अन्य प्रीबायोटिक फाइबर मिलाए जाते हैं। ये कई लोगों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं, लेकिन कुछ लोगों में इनके कारण गैस और पेट फूलने की समस्या बढ़ सकती है।

अगर किसी खास प्रोटीन पाउडर को लेने के बाद बार-बार गैस होती है, तो उसका लेबल ध्यान से पढ़ें और देखें कि उसमें ऐसे अतिरिक्त फाइबर या अन्य सामग्री तो मौजूद नहीं हैं।

  1. अचानक बढ़ा दिया प्रोटीन और फाइबर

अगर पहले आपकी डाइट में प्रोटीन और फाइबर कम था और आपने अचानक अंडे, दाल, मेवे, बीन्स और प्रोटीन शेक की मात्रा काफी बढ़ा दी, तो पाचन तंत्र को नए खान-पान के साथ तालमेल बैठाने में समय लग सकता है।

इसलिए डाइट में बदलाव धीरे-धीरे करना बेहतर होता है। एक साथ कई नई चीजें शामिल करने के बजाय एक-एक करके बदलाव करें। इससे यह पता लगाना भी आसान रहेगा कि किस चीज से परेशानी हो रही है।

  1. खाना जल्दी खाने की आदत भी बन सकती है वजह

गैस का संबंध हमेशा खाने की चीज से नहीं होता। खाना बहुत जल्दी खाना, खाते समय ज्यादा बात करना, स्ट्रॉ से पेय पीना या च्यूइंग गम चबाना शरीर में ज्यादा हवा पहुंचा सकता है।

इससे पेट में गैस, डकार और फूलने जैसी समस्या महसूस हो सकती है।

इसलिए खाना धीरे-धीरे खाएं, अच्छी तरह चबाएं और भोजन के दौरान अनावश्यक रूप से ज्यादा हवा निगलने से बचें।

गैस कम करने के लिए क्या करें?

अगर हाई प्रोटीन डाइट शुरू करने के बाद गैस की समस्या हो रही है, तो इन बातों का ध्यान रखें:

कुछ दिनों तक खाने की डायरी बनाएं और देखें कि किस चीज के बाद गैस ज्यादा होती है।
प्रोटीन और फाइबर की मात्रा अचानक न बढ़ाएं।
दाल और बीन्स को अच्छी तरह भिगोकर और पकाकर खाएं।
प्रोटीन पाउडर या बार का लेबल ध्यान से पढ़ें।
ज्यादा मात्रा में शुगर अल्कोहल या ऐसे पदार्थों वाले उत्पाद से सावधान रहें जो आपको व्यक्तिगत रूप से परेशानी देते हैं।
भोजन धीरे-धीरे खाएं और अच्छी तरह चबाएं।
दिनभर पर्याप्त पानी पीने की आदत रखें।
प्रोटीन पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं

गैस होने पर तुरंत सभी प्रोटीन वाली चीजें बंद करना सही तरीका नहीं है। पहले यह समझने की कोशिश करें कि परेशानी वास्तव में प्रोटीन से है या उसके साथ मौजूद किसी अन्य सामग्री, फाइबर, डेयरी या खाने की आदत से।

अगर किसी एक खाद्य पदार्थ को खाने के बाद बार-बार समस्या होती है, तो उसकी मात्रा कम करके या किसी दूसरे विकल्प के साथ देखकर कारण समझने की कोशिश की जा सकती है।

हालांकि, अगर गैस के साथ लगातार या तेज पेट दर्द, बार-बार दस्त, उल्टी, बिना वजह वजन कम होना, मल में खून या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो इसे सामान्य गैस मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।