September 2, 2026

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दुर्ग अस्पताल की लैब में रील बनाना पड़ा भारी! ब्लड सैंपल लेकर कैटवॉक करने वाली 3 महिला टेक्नीशियन बर्खास्त

दुर्ग-भिलाई। अस्पताल की लैब में ड्यूटी के दौरान रील बनाकर सोशल मीडिया पर डालना तीन महिला टेक्नीशियनों को भारी पड़ गया। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला अस्पताल की अटल आरोग्य लैब में ब्लड सैंपल और लैब उपकरणों के साथ वीडियो बनाने का मामला सामने आने के बाद तीनों महिला कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया गया है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लिया। सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज ने लैब प्रभारी डॉ. जेपी मेश्राम को नोटिस जारी कर पूरे मामले में जवाब मांगा। इसके बाद संबंधित एजेंसी HLL लाइफकेयर लिमिटेड ने तीनों महिला टेक्नीशियनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया।

ब्लड सैंपल लेकर कैटवॉक करती दिखीं

मामला उस समय सामने आया जब तीन महिला टेक्नीशियनों के रील वाले वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।

वीडियो में लैब के अंदर कर्मचारी अलग-अलग अंदाज में वीडियो बनाती नजर आईं। एक वीडियो में एक महिला टेक्नीशियन हाथ में टेस्ट ट्यूब लेकर कैटवॉक करती दिखाई दी। वहीं दूसरे वीडियो में लैब की चेयर पर बैठकर मस्ती करते हुए वीडियो बनाया गया।

अस्पताल की लैब जैसी संवेदनशील जगह पर इस तरह वीडियो बनाए जाने को लेकर सवाल उठने लगे।

24 अगस्त को बनाया था वीडियो

जानकारी के मुताबिक, तीनों महिला टेक्नीशियनों ने 24 अगस्त को लैब के अंदर रील बनाई थी। वीडियो बनने के करीब पांच दिन बाद यह सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।

वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन सक्रिय हुआ। सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज ने अटल आरोग्य लैब के प्रभारी डॉ. जेपी मेश्राम को नोटिस जारी किया।

नोटिस में यह जानने की कोशिश की गई कि ड्यूटी के दौरान लैब के अंदर वीडियो कैसे बनाया गया और उस समय कर्मचारियों की जिम्मेदारी क्या थी।

जांच के बाद HLL ने लिया एक्शन

नोटिस के जवाब और मामले की जांच के बाद लैब प्रभारी ने संबंधित स्टाफ पर कार्रवाई के लिए HLL लाइफकेयर लिमिटेड को पत्र लिखा।

इसके बाद HLL लाइफकेयर लिमिटेड ने तीनों महिला टेक्नीशियनों को सेवा से हटा दिया।

सिविल सर्जन के मुताबिक, वीडियो सामने आने के बाद लैब इंचार्ज को नोटिस दिया गया था। इंचार्ज ने वीडियो में नजर आ रहे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित कंपनी को पत्र भेजा, जिसके बाद तीनों को बर्खास्त कर दिया गया।

अब यह भी जांचा जा रहा है कि मरीजों की जांच प्रभावित हुई या नहीं

मामले में अब यह भी देखा जा रहा है कि जिस समय लैब में वीडियो बनाया गया, उस दौरान मरीजों की जांच और लैब की नियमित व्यवस्था पर किसी तरह का असर पड़ा था या नहीं।

अस्पताल की लैब में रोजाना बड़ी संख्या में मरीजों के सैंपल की जांच होती है। ऐसे में ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों द्वारा सोशल मीडिया कंटेंट बनाने को लेकर प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाया है।

पहले भी जांच रिपोर्ट को लेकर विवाद में आई थी लैब

गौरतलब है कि अटल आरोग्य लैब कुछ समय पहले जांच रिपोर्ट को लेकर भी विवाद में रही थी।

जिला अस्पताल में भर्ती 24 वर्षीय युवक की HIV जांच रिपोर्ट पहले पॉजिटिव आई थी। युवक ने रिपोर्ट पर सवाल उठाए तो दोबारा जांच कराई गई। दूसरी जांच में रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।

इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने लैब से जानकारी मांगी थी। साथ ही जांच में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की जांच और उनके सही कैलिब्रेशन के निर्देश दिए गए थे।

सरकार की निशुल्क जांच योजना से जुड़ी है अटल आरोग्य लैब

छत्तीसगढ़ सरकार ने HLL लाइफकेयर लिमिटेड के सहयोग से अटल आरोग्य लैब योजना शुरू की है। इसका उद्देश्य लोगों को उन्नत और निशुल्क स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराना है।

ऐसे में लैब के भीतर कर्मचारियों द्वारा ब्लड सैंपल और अन्य उपकरणों के साथ रील बनाए जाने के मामले ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल तीनों महिला टेक्नीशियनों पर कार्रवाई हो चुकी है और विभाग इस बात की भी पड़ताल कर रहा है कि वायरल वीडियो बनाए जाने के दौरान मरीजों की जांच व्यवस्था पर कोई प्रतिकूल असर पड़ा था या नहीं।