September 1, 2026

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लाल ट्रॉली में लाश, 2000 KM का सफर और मणिपुर में गिरफ्तारी, दंपति का खौफनाक प्लान ऐसे हुआ फेल

आगरा/चेन्नई। लाल ट्रॉली सूटकेस, ट्रेन का लंबा सफर और करीब 2000 किलोमीटर दूर हुई गिरफ्तारी—महिला की हत्या के इस मामले ने पुलिस जांच की कई परतें खोल दी हैं। आगरा कैंट स्टेशन पर तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच से महिला के क्षत-विक्षत शव के टुकड़े मिलने के बाद शुरू हुई जांच आखिरकार मणिपुर तक पहुंची। पुलिस ने मामले में आरोपी माणिकउद्दीन लश्कर और उसकी पत्नी भगवती माझी को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी हत्या के बाद फरार हो गए थे। लेकिन रेलवे स्टेशन और रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की कड़ियां जोड़ते हुए जांच टीम उन तक पहुंच गई।

5 अगस्त को लाल सूटकेस ने खोला राज

मामला 5 अगस्त को सामने आया। आगरा कैंट स्टेशन पहुंची तमिलनाडु एक्सप्रेस के एक जनरल कोच में यात्रियों को एक लावारिस लाल ट्रॉली सूटकेस से तेज दुर्गंध महसूस हुई।

सूचना मिलने पर सरकारी रेलवे पुलिस ने सूटकेस की तलाशी ली। अंदर महिला का क्षत-विक्षत शव मिला। शुरुआती तौर पर मृतका की पहचान नहीं हो सकी थी।

पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि आखिर यह सूटकेस ट्रेन में किसने रखा और महिला की हत्या कहां हुई?

इसके बाद जांचकर्ताओं ने शव की पहचान के साथ-साथ सूटकेस की पूरी यात्रा को ट्रैक करना शुरू किया।

350 से ज्यादा CCTV कैमरों की जांच

जांच टीम ने चेन्नई सेंट्रल स्टेशन के 350 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी दौरान पुलिस को एक पुरुष और महिला दिखाई दिए, जो लाल ट्रॉली सूटकेस लेकर स्टेशन पहुंचे थे।

फुटेज में दोनों को तमिलनाडु एक्सप्रेस में सूटकेस रखने के बाद ट्रेन रवाना होने से पहले उतरते देखा गया।

इसके बाद पुलिस ने दोनों की गतिविधियों को कैमरों के जरिए जोड़ना शुरू किया।

जांच में सामने आया कि दोनों पार्क स्टेशन की ओर गए। वहां से उन्होंने उपनगरीय ईएमयू ट्रेन पकड़ी और गुडुवनचेरी स्टेशन पर उतर गए। इसके बाद दोनों एक ऑटो रिक्शा में सवार होकर आगे बढ़े।

पुलिस जांच की अहम कड़ियां

  • आगरा कैंट स्टेशन पर लाल ट्रॉली सूटकेस बरामद हुआ।
  • सूटकेस से महिला का क्षत-विक्षत शव मिला।
  • चेन्नई सेंट्रल स्टेशन के 350 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले गए।
  • संदिग्ध पुरुष और महिला की पहचान हुई।
  • दोनों की गतिविधियों को अलग-अलग कैमरों से ट्रैक किया गया।
  • जांच गुडुवनचेरी के एक किराए के मकान तक पहुंची।
  • बाद में पुलिस ने दोनों आरोपियों को मणिपुर से गिरफ्तार किया।

किराए के मकान में मिले मानव अवशेष

सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस गुडुवनचेरी और आसपास के इलाके में पहुंची। करीब 200 से अधिक कैमरों की जांच के बाद टीम मस्जिद स्ट्रीट के पास स्थित एक किराए के मकान तक पहुंची।

पुलिस ने मकान का ताला खोलकर तलाशी ली। तलाशी के दौरान एक बड़े बर्तन में मानव अवशेष मिलने की बात सामने आई।

जांच में मृतका की पहचान 38 वर्षीय हयाथुन निशा के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, वह मूल रूप से ओडिशा की रहने वाली थीं और गुडुवनचेरी में एक निजी कंपनी में काम करती थीं।

शादी को लेकर विवाद बना हत्या की वजह?

पुलिस के अनुसार, माणिकउद्दीन लश्कर और हयाथुन निशा के बीच करीब छह महीने से संबंध थे। जांच में यह आरोप सामने आया कि निशा आरोपी से शादी करना चाहती थीं और इसी बात को लेकर दोनों के बीच लगातार विवाद होता था।

पुलिस के मुताबिक, इसी विवाद के दौरान गुडुवनचेरी स्थित किराए के मकान में निशा की हत्या कर दी गई।

आरोप है कि हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की गई। शव के कुछ हिस्सों को लाल ट्रॉली सूटकेस में रखा गया और उसे चेन्नई सेंट्रल स्टेशन तक ले जाया गया। इसके बाद सूटकेस को दिल्ली जाने वाली तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच में छोड़ दिया गया।

29 अगस्त को मणिपुर में दबोचा गया दंपति

हत्या के बाद आरोपी दंपति फरार हो गया था। पुलिस ने उनकी तलाश के लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी CDR समेत कई तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल किया।

जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को आरोपियों के मणिपुर में होने की जानकारी मिली। इसके बाद गुडुवनचेरी पुलिस ने स्थानीय अधिकारियों की मदद से 29 अगस्त को मणिपुर के जिरीबाम जिले के काशीमपुर इलाके से दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद दोनों को पूछताछ के लिए तांबरम लाया गया।

2000 KM दूर तक पहुंची पुलिस की जांच

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जांच की शुरुआत आगरा कैंट स्टेशन से हुई, लेकिन पुलिस की तलाश चेन्नई और फिर करीब 2000 किलोमीटर दूर मणिपुर तक पहुंच गई।

लाल ट्रॉली सूटकेस से मिले शव के बाद अगर पुलिस सिर्फ आगरा तक सीमित रहती तो मामले की गुत्थी सुलझाना मुश्किल हो सकता था। लेकिन रेलवे रूट, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने कथित आरोपियों तक पहुंच बनाई।

फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं और मामले की आगे जांच जारी है। पुलिस हत्या के पीछे की पूरी परिस्थितियों, घटनाक्रम और अन्य संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।

इस मामले में सामने आए आरोप पुलिस जांच का हिस्सा हैं। अंतिम तथ्य और दोष साबित होना अदालत की कार्यवाही पर निर्भर करेगा।