August 31, 2026

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1500 KM दूर पंजाब में छिपे थे लग्जरी कार चोर! बलौदाबाजार पुलिस ने मोगा में घेरा, 6.50 लाख की वर्ना बरामद

बलौदाबाजार-भाटापारा। लग्जरी कार चोरी के एक मामले में बलौदाबाजार पुलिस ने करीब 1,500 किलोमीटर दूर पंजाब के मोगा शहर पहुंचकर तीन कथित अंतरराज्यीय वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है। सिटी कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई और उनके कब्जे से करीब 6.50 लाख रुपये कीमत की वर्ना कार बरामद की है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने चोरी की वारदात को बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया था। घटना के बाद वे बिलासपुर, प्रयागराज और दिल्ली के रास्ते पंजाब पहुंच गए थे।

दुकान में काम के बहाने रख रहे थे नजर

जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी लवन रोड स्थित कृषि यंत्र रिपेयरिंग दुकान में काम करने के बहाने कार मालिक की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले कार की पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जुटाई और फिर मौका देखकर वारदात को अंजाम दिया।

22 और 23 अगस्त 2026 की दरमियानी रात आरोपियों ने दुकान के बाहर खड़ी वर्ना कार को निशाना बनाया।

पुलिस के अनुसार, कार का नंबर CG 09 JL 2169 है।

चोरी का तरीका

पुलिस जांच के मुताबिक आरोपियों ने:

कार के पहियों और बॉडी में लगी लोहे की सांकल तोड़ी।
भारी लोहे की रॉड और हथौड़े का इस्तेमाल किया।
कार का लॉक तोड़ा।
इग्निशन सिस्टम से छेड़छाड़ कर वाहन स्टार्ट किया।
चोरी के बाद अलग-अलग शहरों के रास्ते पंजाब भाग गए।
पहचान छिपाने के लिए रास्ते में मोबाइल फोन तक बेच दिए।

चोरी की कार को छत्तीसगढ़ से पंजाब ले जाना आरोपियों की पूर्व नियोजित योजना का हिस्सा बताया जा रहा है।

CCTV से शुरू हुई जांच, साइबर सेल ने पकड़ा सुराग

वारदात की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालनी शुरू की। फुटेज में संदिग्धों से जुड़ी कुछ तस्वीरें मिलने के बाद जांच को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी साइबर सेल की टेक्निकल टीम ने संभाली।

साइबर सेल ने उपलब्ध तकनीकी और डिजिटल डेटा का विश्लेषण किया। पुलिस के अनुसार, सैकड़ों संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच के बाद आरोपियों की गतिविधियों से जुड़ा महत्वपूर्ण सुराग मिला।

इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपियों की बदलती लोकेशन पर नजर रखी।

1500 KM दूर मिली लोकेशन

तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों की लोकेशन पंजाब के मोगा शहर में मिली। यह स्थान बलौदाबाजार से करीब 1,500 किलोमीटर दूर था।

लोकेशन की पुष्टि होने के बाद बलौदाबाजार पुलिस और साइबर सेल की विशेष टीम पंजाब रवाना हुई। वहां स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपियों की तलाश शुरू की गई।

चोरी की कार बेचने पहुंचे और पुलिस ने दबोचा

पुलिस के मुताबिक, मोगा के मंडी क्षेत्र में आरोपियों पर नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान वे चोरी की वर्ना कार के लिए ग्राहक तलाशने जीरा रोड नई मंडी के पास पहुंचे।

आरोपियों के वहां पहुंचते ही पहले से मुस्तैद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीनों को पकड़ लिया।

पुलिस ने चोरी की कार भी बरामद कर ली। कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय का भी इस्तेमाल किया गया।

पंजाब से ट्रांजिट रिमांड पर लाए गए आरोपी

गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को पंजाब की अदालत में पेश किया गया। वहां से उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर बलौदाबाजार लाया गया है। अब आरोपियों को बलौदाबाजार की अदालत में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं:

गोविंदा पिता रंजीत सिंह, उम्र 33 वर्ष, निवासी लंडेके, थाना मोगा सिटी, जिला मोगा, पंजाब।
रमन कुमार पिता मंगलदास, उम्र 42 वर्ष, निवासी ग्राम जलालाबाद पूर्वी, थाना धर्मकोट, जिला मोगा, पंजाब।
सुखप्रीत सिंह पिता दिलदार सिंह, निवासी लंडेके, थाना मोगा सिटी, जिला मोगा, पंजाब।
ये सामान हुआ बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की कार के अलावा वारदात में इस्तेमाल किए गए सामान को भी जब्त किया है।

जप्त संपत्ति:

वर्ना कार CG 09 JL 2169 — अनुमानित कीमत 6.50 लाख रुपये
लोहे के हथौड़े — 2 नग
लोहे की रॉड — 1 नग
अंतरराज्यीय गिरोह पर पुलिस की कार्रवाई

इस मामले में सबसे खास बात यह रही कि कार चोरी के बाद आरोपी छत्तीसगढ़ से करीब 1,500 किलोमीटर दूर पंजाब पहुंच गए थे। इसके बावजूद CCTV फुटेज और तकनीकी जांच के जरिए पुलिस ने उनकी गतिविधियों का पता लगाया।

बलौदाबाजार पुलिस की यह कार्रवाई बताती है कि वाहन चोरी के मामलों में सिर्फ स्थानीय स्तर पर जांच तक सीमित रहने के बजाय तकनीकी निगरानी और अंतरराज्यीय समन्वय भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

फिलहाल तीनों आरोपियों को बलौदाबाजार लाकर न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस आगे की जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों का किसी अन्य वाहन चोरी की घटना से संबंध है या नहीं।